प्रदेश में बढ़ रहा है जलापूर्ति संकट, सरकार है ख़ामोश: विश्व चक्षु

राजधानी शिमला में पानी की सबसे ज्यादा दिक्कत

उज्जवल हिमाचल। धर्मशाला

हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी व पूर्व मीडिया कोऑर्डिनेटर (मुख्यमंत्री) एडवोकेट विश्व चक्षु ने धर्मशाला से जारी एक प्रेस वक्तव्य में कहा कि हिमाचल प्रदेश जलापूर्ति के भारी संकट से गुजर रहा है। पानी की सप्लाई पूरे प्रदेश में प्रभावित है। टूरिस्ट सीजन चल रहा है लेकिन हर जगह पानी की कमी से लोग परेशान हो रहे हैं। इस संकट से निपटने के लिए सरकार द्वारा गंभीरता से प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। प्रदेश की राजधानी शिमला की बात करें तो ज्यादातर जगहों पर चार से पांच दिन में पानी आ रहा है। कई जगहों पर हालात और भी बुरे हैं। पूरे प्रदेश का यही हाल है लेकिन सरकार इस मामले में पूरी तरह से ख़ामोश है, सरकार द्वारा इस जलसंकट को हल करने के लिए गंभीरता से काम नहीं किया जा रहा है।

इस समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार को गंभीरता से प्रयास करने होंगे क्योंकि पानी लोगों के हर पल की ज़रूरत है। विश्व चक्षु ने कहा कि यह पहले से तय था कि गर्मी के मौसम में पानी की खपत बढ़ती है। टूरिस्ट सीजन की वजह से प्रदेश में भारी संख्या में लोग आते हैं, जिस वजह से होटेल्स में भी पानी की खपत बढ़ जाती है। गर्मी के मौसम में पानी की समस्या से निपटने के लिए ख़ास प्रबंध होने चाहिए लेकिन सरकार द्वारा इस मामले में कोई गंभीरता नहीं दिखाई गयी। इस समस्या से निपटने के लिए कोई प्लानिंग नहीं की गई, जिसका नतीजा सामने है।

प्रदेश के लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जलापूर्ति में किसी तरह की समस्या न आने पाए यह सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए। सरकार ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए अग्रिम योजना बनाए। संभावित चुनौतियों के लिए सरकार तैयार रहे। इस तरह से प्रदेश के लोगों को हर ज़रूरी सुविधाओं के लिए परेशान नहीं किया जा सकता है। सरकार अपना दायित्व निभाए, जिससे आम लोगों को इस तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।

ब्यूरो रिपोर्ट धर्मशाला

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