उज्ज्वल हिमाचल। नूरपुर
कांगडा के अधीन मंड क्षेत्र मे प्रदेश की सबसे बड़ी परियोजना शाहनहर परियोजना के नीचे से अवैध खन्न माफिया द्वारा बार बार खोला जा रहा रास्ता अब कोर्ट के आदेशो के बाद जल शक्ति विभाग ने पक्की आरसी सी की दीवार लगाकर बंद करना शुरु कर दिया है। जिसकी जानकारी प्रदेश के विधायक एवं राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानियां ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर फोटो शेयर करते हुए दी है । भवानी पठानियां ने जानकारी देते हुए लिखा है की शाह नहर के नीचे से जो रास्ता अब पक्के तौर पर जल शक्ति विभाग द्वारा बंद कर दिया गया है अब अगर इस रास्ते को कोई खोलने की कोशिश करेगा उस पर विभिन्न आपराधिक धाराओं में कार्यवाही की जा सकती है।

गौरतलव है कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कांगडा जिले की पंजाब सीमा पर निचले मंड क्षेत्र में अवैध खनन से शाह नहर और जमीनों को हो रहे नुकसान पर सख्त रुख अपनाया था। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने शाह नहर प्रोजेक्ट प्रभाग संख्या-1 संसारपुर टैरेस में कार्यरत अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) को जिले से हटाकर किसी अन्य जिले में स्थानांतरित करने के आदेश दिए है। अदालत ने जल शक्ति विभाग से आदेशों की अनुपालना रिपोर्ट भी मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी। अदालत ने क्षेत्र में कोई अवैध खनन की गतिविधि न हो, इस पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। इस मामले मे मंड क्षेत्र की निवासी सीमा देवी और अन्य लोगों ने उच्च न्यायालय शिमला में जनहित याचिका दायर कर अवैध खनन से शाह नहर प्रोजेक्ट व जमीन को नुकसान होने की शिकायत की थी।

याचिका में बताया गया कि एक संबंधित विभागीय अधिकारी पर इस मामले में गड़बड़ी करने का आरोप भी था। संबंधित क्षेत्र के खनन अधिकारी और उपमंडल अधिकारी ने उसे अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए कदम उठाने के लिए लिखा था। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने न्यायालय को याचिका के साथ संलग्न फोटोग्राफ भी दिखाए, जिनमें बड़े वाहनों के उपयोग को दर्शाया है, जिनका उपयोग याचिकाकर्ताओं के अनुसार अवैध खनन के उद्देश्य से किया जा रहा है। इन परिस्थितियों में उच्च न्यायालय की ओर से संबंधित क्षेत्र के मुख्य अभियंता को निर्देश दिया गया है कि वह एक सप्ताह आवश्यक कार्रवाई अमल में लाएं।
संवाददाता : विनय महाजन





