उज्जवल हिमाचल । गगल
पिछले करीब दो वर्षों से बंद पड़ी मांझी खड्ड से निकलने वाली ऐतिहासिक बढ़ूल कूहल में आखिरकार फिर से पानी बहने लगा है। कूहल की सफाई और जल प्रवाह बहाल होने से क्षेत्र के हजारों किसानों ने राहत की सांस ली है। यह कार्य एपीएमसी अध्यक्ष एवं प्रदेश ओबीसी कांग्रेस अध्यक्ष निशु मोगरा की पहल पर उनके निजी खर्च से करवाया गया।
जानकारी के अनुसार, करीब आठ किलोमीटर लंबी बढ़ूल कूहल मांझी खड्ड से निकलकर तियारा, देहरियां तथा आसपास के गांवों की कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान करती है। दो वर्ष पहले मांझी खड्ड में आई बाढ़ के कारण कूहल में भारी मात्रा में गाद भर गई थी। इसके अलावा घास-फूस और झाड़ियों के उग आने से जल प्रवाह पूरी तरह बाधित हो गया था, जिससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
स्थानीय निवासी सुरजीत कुमार कोहली ने बताया कि बढ़ूल कूहल के माध्यम से लगभग पांच हजार किसानों की हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होती है। कूहल के बंद होने से खेती-बाड़ी प्रभावित हो रही थी और कई स्थानों पर उपजाऊ भूमि बंजर होने की कगार पर पहुंच गई थी।
किसानों की समस्या को देखते हुए निशु मोगरा ने जेसीबी मशीन लगवाकर कूहल की व्यापक सफाई करवाई। सफाई कार्य पूरा होने के बाद कूहल में दोबारा पानी छोड़ा गया, जिससे क्षेत्र के किसानों में खुशी का माहौल है। किसानों का कहना है कि समय पर सिंचाई सुविधा मिलने से फसलों को पर्याप्त पानी मिलेगा और कृषि उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी।
स्थानीय किसानों ने कूहल को पुनर्जीवित करवाने के लिए निशु मोगरा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल खेती और बागवानी के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। उनका मानना है कि लंबे समय से चली आ रही सिंचाई की समस्या का समाधान होने से क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर निशु मोगरा ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पटौला क्षेत्र से निकलने वाली मग्रेहड़, इच्छी और डोंडू कूहलों के सुधार एवं पुनरुद्धार के लिए लगभग 80 लाख रुपये की राशि भी स्वीकृत हो चुकी है। इन परियोजनाओं पर जल्द कार्य शुरू किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक किसानों को सिंचाई सुविधाओं का लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान क्षेत्रों में मजबूत सिंचाई व्यवस्था समय की आवश्यकता है और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए भविष्य में भी हरसंभव प्रयास जारी रहेंगे।





