उज्ज्वल हिमाचल। पालमपुर
गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म महाविद्यालय में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में “भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की भूमिका” विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय केंद्र, धर्मशाला के इतिहास विभाग के समन्वयक एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. राज कुमार रहे। कॉलेज के निदेशक एवं प्रधानाचार्य डॉ. विवेक शर्मा एवं इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष सहायक प्राध्यापक सुमन कुमार द्वारा मुख्य अतिथि वक्ता का स्मृति चिन्ह व फूल भेंट कर स्वागत किया गया।

डॉ. राज कुमार ने अपने संबोधन में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं के योगदान पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने न केवल मंगल पांडे, भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, राम प्रसाद बिस्मिल और खुदीराम बोस जैसे स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिवीरों का परिचय दिया बल्कि स्वतंत्रता अभियान में उनकी माताओं और बहनों मूलमति, लक्ष्मी प्रिया देवी, विद्यावती कौर, जगरानी देवी की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए उनके बलिदान पर प्रकाश डाला। सरोजिनी नायडू और कस्तूरबा गांधी के स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका और सुभद्राकुमारी चौहान की कविता “जलियांवाला बाग में बसंत“ कविता सुनाकर उन्होंने सभी को भावविभोर कर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को ऊर्जा और उत्साह से विकसित भारत के लिए बेहतरीन कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

कॉलेज के निदेशक एवं प्रधानाचार्य डॉ. विवेक शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि स्वतंत्रता संग्राम की चर्चा करते समय हम वीर पुरुषों के साहस और बलिदान को स्मरण करते हैं, परंतु इसमें महिलाओं की अमूल्य और अद्वितीय भूमिका के योगदान को भी सम्मानित करना आवश्यक है। उन्होंने डॉ. राज कुमार के व्याख्यान में शामिल ऐतिहासिक तथ्यों, महिलाओं के साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम के प्रसंगों को आज की युवा पीढ़ी के लिए उत्तरदायित्व की भावना को और सशक्त करने का माध्यम बताया। कार्यक्रम का समापन सुमन कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम का मंच संचालन सहायक प्राध्यापक अनुराग शर्मा ने किया। सहायक प्राध्यापक डॉ. राधिका ठाकुर ने मुख्यातिथि का परिचय व उपलब्धियां प्रस्तुत की। इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक पूजा वासुदेवा, सीमा भाटिया, शिल्पा, आईना, आमना देवी और आई टी हेड संदीप और डॉ. शिल्पी भी उपस्थित रहे।





