उज्जवल हिमाचल। धर्मशाला
हर साल की तरह इस साल भी अवस्थी कॉलेज धर्मशाला में विश्व एड्स दिवस मनाया गया, जिसका उद्देश्य (एचआईवी) एड्स के प्रति जागरूकता फैलाना और इससे प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता दिखाना साथ ही इस महामारी के खिलाफ वैश्विक प्रयासों को प्रोत्साहन देना है। छात्रों ने विभिन्न गतिविधियों पोस्टर मेकिंग, मानव श्रृंखला और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। उन्होंने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से एचआईवी वायरस से क्षेत्रीय लोगों को अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि यह मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई या रक्त के उपयोग और मां से बच्चे को जन्म के दौरान फैलता है।
अंत में कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुमित चौहान ने जानकारी सांझा करते हुए कहा कि एड्स दिवस मनाने का अवस्थी कॉलेज का मुख्य उद्देश्य लोगों को इस बीमारी के प्रति शिक्षित करना और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार आज लगभग 3.9 करोड़ लोग एचआईवी से संक्रमित हैं, जिनमें से बड़ी संख्या विकासशील देशों में है। भारत में भी लगभग 23.5 लाख लोग एचआईवी के साथ जी रहे हैं। इस साल की थीम एक समान भविष्य की ओर है, जो समाज में भेदभाव को समाप्त करने और सभी के लिए समान स्वास्थ्य सुविधाओं को सुनिश्चित करने की बात करती है। उन्होंने कहा कि एड्स की रोकथाम के लिए सुरक्षित यौन संबंध, नियमित जांच, और जागरूकता अभियान चलाना बेहद जरूरी है।
इसके अलावा हमें एचआईवी संक्रमित लोगों के साथ समानता और सम्मान का व्यवहार करना चाहिए और उनके प्रति किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करना चाहिए। एड्स केवल एक स्वास्थ्य समस्या नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक मुद्दा भी है, जिसे सुलझाने के लिए सरकार, समाज और प्रत्येक व्यक्ति को मिलकर प्रयास करना होगा। जागरूकता, सतर्कता और समानता ही इस महामारी से लड़ने के सबसे प्रभावी हथियार हैं।इस अवसर पर कॉलेज के सभी गणमान्य व्यक्ति व अध्यापक उपस्थित रहे।
ब्यूरो रिपोर्ट धर्मशाला





