स्मॉल हाइव बीटल से मधुमक्खियों को बचाने के लिए मौन पालकों को किया जागरूक

उज्जवल हिमाचल । कांगड़ा

उद्यान विभाग के एपीकल्चर उत्तरी क्षेत्र कांगड़ा की ओर से मधुमक्खी पालकों को स्मॉल हाइव बीटल से होने वाले नुकसान और इसकी रोकथाम के प्रति जागरूक करने के लिए कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, कुल्लू और चंबा जिलों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज ग्राम पंचायत सहौड़ा में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में करीब 85 मौन पालकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य विजय कुमार उर्फ वीजू एवं ग्राम पंचायत सहौड़ा की प्रधान समीर विशेष रूप से उपस्थित रहे।

शिविर का मुख्य उद्देश्य मौन पालकों को मधुमक्खियों में सामने आई स्मॉल हाइव बीटल की समस्या, इससे होने वाले नुकसान तथा इसकी रोकथाम के प्रभावी उपायों के बारे में जानकारी देना रहा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि स्मॉल हाइव बीटल के कारण मधुमक्खियों और शहद को भारी नुकसान हो रहा है, जिससे मौन पालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

शिविर में विशेषज्ञों ने बताया कि स्मॉल हाइव बीटल के नियंत्रण के लिए वैज्ञानिक स्तर पर अभी तक ऐसी कोई दवा निर्धारित नहीं की गई है, जिसका मधुमक्खियों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। उन्होंने मौन पालकों को आगाह किया कि बिना विशेषज्ञ सलाह के कीटनाशकों का प्रयोग न करें, क्योंकि स्मॉल हाइव बीटल भी एक कीट है और कीटनाशक के प्रयोग से मधुमक्खियों को भी नुकसान पहुंच सकता है।

विभाग की ओर से स्मॉल हाइव बीटल की रोकथाम के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। अधिकारियों ने मौन पालकों से विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा समय रहते आवश्यक सावधानियां बरतने का आह्वान किया। अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता और वैज्ञानिक तरीके अपनाकर इस समस्या से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। शिविर में संयुक्त निदेशक उद्यान, कांगड़ा जोन डॉ. कमलशील नेगी, उप निदेशक उद्यान कांगड़ा डॉ. अलक्ष पठानिया, विषय वस्तु विशेषज्ञ (मधुमक्षिका) डॉ. निशा कुमारी मेहरा, उद्यान विकास अधिकारी डॉ. राजेश कुमार, जिला परिषद सदस्य विजय कुमार सहित पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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