हिमाचल में पहली बार संगठन पर बड़ा दांव, कांग्रेस हाईकमान ने कांगड़ा से उतारा राज्यसभा उम्मीदवार

उज्जवल हिमाचल । नूरपुर

नूरपुर में राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए प्रदेश की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम सुखविंदर सिंह सुक्खू की रणनीतिक सियासी चाल का हिस्सा हो सकता है। पार्टी हाईकमान ने मुख्यमंत्री की सलाह पर कांगड़ा क्षेत्र से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार उतारकर नई राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है। इसे क्षेत्रीय संतुलन और राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि कांग्रेस की नजर अब प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा पर है, जो हिमाचल की राजनीति में अहम भूमिका निभाता रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी विप्लव ठाकुर कांगड़ा से राज्यसभा सांसद रह चुकी हैं। ऐसे में इस बार भी कांगड़ा से उम्मीदवार उतारना कांग्रेस का सोचा-समझा कदम माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले के बाद चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस संगठन और सरकार दोनों स्तर पर क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को मजबूत करने का संदेश देना चाहती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्यसभा चुनाव में यह दांव कांग्रेस के लिए कितना फायदेमंद साबित होता है और प्रदेश की राजनीति पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।

इस फैसले से प्रदेश में विपक्षी दल भी हैरान हैं। माना जा रहा था कि शायद इस बार राज्यसभा के लिए कोई बाहरी या गैर-हिमाचली उम्मीदवार मैदान में उतारा जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस हाईकमान के इस निर्णय ने प्रदेश की सियासत में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

संवाददाता : विनय महाजन