आर्थिक विशेष पैकेज जल्द जारी करे केंद सरकार : कल्याण भंडारी

उज्ज्वल हिमाचल। पालमपुर

हिमाचल प्रदेश एक बार फिर भीषण आपदा से जूझ रहा है। पहाड़ों पर लगातार हो रहे भूस्खलन, ढही हुई सड़कें, टूटे पुल, ध्वस्त मकान, बह गए खेत और फंसे हुए पर्यटक यह तस्वीर किसी राज्य विशेष की नहीं बल्कि राष्ट्रीय त्रासदी की है। पहले ही नाजुक आर्थिक ढांचे वाले हमारे प्रदेश की रीढ़ टूट चुकी है। मौजूदा त्रासदी के चलते अनुमानित 3056 करोड़ रुपए के नुक्सान ने सूबे की आर्थिकी को पूर्ण रूप से ध्वस्त करके रख दिया है। पर्यटन, बाग़बानी और खेतीकृतीनों ही क्षेत्र तबाही की चपेट में हैं।

कांगड़ा से जारी एक प्रैस रिलीज़ में आम आदमी पार्टी की ओर से पूर्व राज्य प्रवक्ताकल्याण भंडारी ने कहा कि इतनी बड़ी आपदा के बीच केंद्र सरकार की ओर से अब तक केवल रहस्यमी खामोशी के साथ अनदेखी प्रदेशवासियों की समझ से बाहर की बात हो चुकी है। उन्हें घोर आश्चर्य है कि जिस प्रदेश से भाजपा के सात सांसद व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और केंद्र सरकार चुप्पी धारण किए हुए है। ऐसे में केवल ऊंचे-ऊंचे बयान और फाइलों में उलझी औपचारिकताएं ही देखने को मिल सकती हैं। यह रवैया हिमाचल की जनता के साथ सरासर अन्याय है। जब पूरा प्रदेश आपदा-ग्रस्त घोषित होकर जीवन और आजीविका की लड़ाई लड़ रहा है, तब केवल आश्वासनों से पेट नहीं भरेगा और टूटी छतें नहीं जुड़ेंगी।

आम आदमी पार्टी, हिमाचल प्रदेश, केंद्र सरकार से मांग करती है कि हिमाचल प्रदेश के लिए विशेष आर्थिक राहत पैकेज तत्काल घोषित किया जाए। आपदा राहत कोष से धनराशि की तेज़ रफ़्तार से अदायगी सुनिश्चित की जाए। प्रभावित परिवारों के खाते में सीधी वित्तीय सहायता तुरंत पहुंचे ताकि त्रासदी झेल रहे लोगों को राहत मिल सके। इसके साथ पुनर्वास और त्वरित निकासी कार्यों के लिए राज्य सरकार और स्थानीय संस्थाओं के साथ समन्वय बढ़ाया जाए।

केंद्र सरकार को यह समझना होगा कि हिमाचल केवल एक पहाड़ी राज्य नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत की पारिस्थितिक सुरक्षा ढाल है। इसकी अनदेखी, केवल हिमाचल ही नहीं बल्कि पूरे देश के सामाजिक और आर्थिक ढांचे के लिए विनाशकारी होगी। आम आदमी पार्टी, हिमाचल प्रदेश, साफ़ शब्दों में चेतावनी देती है कि यदि केंद्र ने त्वरित और ठोस कदम नहीं उठाए तो यह प्रदेश की जनता के साथ घोर विश्वासघात होगा। अब वक्त खोखले बयानों का नहीं, बल्कि खुले पर्स और ठोस राहत का है।