कांगड़ा में निर्जला एकादशी पर छबील लगा कर कमाया पुण्य

 उज्जवल हिमाचल । कांगड़ा

निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर कांगड़ा शहर में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक संगठनों द्वारा जगह-जगह मीठे पानी और शर्बत की छबीलें लगाई गईं। शहर के प्रमुख चौराहों पर समाजसेवियों, युवाओं और विभिन्न संस्थाओं के सदस्यों ने राहगीरों को शीतल जल, शर्बत और फल वितरित कर सेवा भाव का परिचय दिया।

भीषण गर्मी के बीच सड़कों के किनारे लगाई गई छबीलों पर लोगों को ठंडा और मीठा पानी पिलाया गया। कांगड़ा व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंडित वेद प्रकाश शर्मा ने भी अपने सहयोगियों के साथ दुकान के बाहर छबील लगाकर सैकड़ों लोगों को मीठा जल, खरबूजा और तरबूज का प्रसाद वितरित किया। यह सेवा कार्य सुबह से लेकर देर शाम तक निरंतर जारी रहा।

इसके अलावा डूंगा बाजार, बाबा वीरभद्र मंदिर शिवालय, कॉलेज रोड, पोस्ट ऑफिस क्षेत्र सहित आसपास के गांवों में भी छबीलें लगाई गईं तथा लोगों को फल वितरित किए गए। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन हुआ और व्रतधारियों ने दान-पुण्य कर भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त किया।

हिंदू धर्मग्रंथों में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु वर्षभर की सभी एकादशियों का व्रत नहीं रख पाते, उन्हें निर्जला एकादशी का व्रत करने से सभी एकादशियों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। इस व्रत को अत्यंत कठिन माना जाता है, क्योंकि इसमें जल ग्रहण करने की भी मनाही होती है।

निर्जला एकादशी को भीम एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है तथा दान-पुण्य और सेवा कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है।

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