उज्ज्वल हिमाचल। शिमला
अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर संदीप शाह गिरोह से जुडे मामले में शिमला पुलिस ने सीआईडी के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन के साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई अमल में लाई है। आरोपी की पहचान रजत के रूप में हुई है। वह वर्तमान में शिमला में सेवाएं दे रहा है। सीआईडी से पहले वह जिला पुलिस में भी तैनात रह चुका है। पुलिस इस मामले में आरोपी की संलिप्तता को लेकर पूछताछ के आधार पर आगामी जांच कर रही है। स्टेट सीआइडी ने भी सूचना मिलने के बाद अपने स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर गिरोह के मामले में पुलिस अभी तक गिरोह के सरगना संदीप शाह समेत 69 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसमें 59 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है। अब गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अनुपूरक आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा। वहीं सीआइडी के एक आलाधिकारी ने नाम नहीं बताने पर कहा कि उन्हें इस बारे में सूचना मिली है। सीआईडी अपने स्तर पर भी जांच कर रही है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि संदीप शाह कोलकाता में बैठकर दिल्ली से नशा तस्करी का यह रैकेट चला रहा था। इसके लिए वह बेरोजगार और नशे के आदी युवाओं का इस्तेमाल करता था। पहले नशे सी खेप को शिमला पहुंचाया जाता था। इसके बाद छोटी-छोटी मात्रा में चिट्टे को जगह-जगह छिपाया जाता था।
सरगना को खरीदार से ऑनलाइन पेमेंट मिलने के बाद उसे संदीप शाह वीडियो और लोकेशन भेजकर नशे की सप्लाई लेने के लिए कहता था। सॉफ्टवेयर इंजीनियर शाह तकनीक की मदद से कई साल तक शिमला शहर और जिले के अन्य क्षेत्रों में नशा तस्करी का रैकेट चलाता रहा। नशा तस्करी के लिए वह डार्क वेब का इस्तेमाल करता था। अपनी पहचान छिपाने के लिए वर्चुअल नंबर प्रयोग में लाता था। संदीप शाह नशा तस्कर गिरोह के मामले में सीआईडी कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। नशे के खिलाफ पुलिस की मुहिम जारी है और आगे भी जारी रहेगी।





