CM ने कुल्लू-मनाली आपदा क्षेत्रों का किया दौरा, प्रभावितों को हरसंभव सहायता का दिया आश्वासन

उज्ज्वल हिमाचल। कुल्लू

आपदा से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विश्व बैंक से 3000 करोड़ रुपए की सहायता हेतु परियोजना तैयार की है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को कुल्लू और मनाली के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने क्षतिग्रस्त सडक़ों, पुलों और मकानों का निरीक्षण किया तथा प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने वशिष्ठ चौक, बाहंग, ओल्ड मनाली, अखाड़ा बाजार, भुंतर पुल और भूतनाथ पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने वशिष्ठ, समाहन व मनाली गांव में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित लोगों से भी मिले और उनकी समस्याएं सुनीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बाढ़ प्रभावितों को हरसंभव मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का कोई भी जिला बाढ़ आपदा से अछूता नहीं रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह जिला कुल्लू के सेब बागबानों की परेशानी से भली भांति परिचित हैं। सेब को मंडी तक पहुंचाने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे है।

मनाली में भारी बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आपदा ने प्रदेश को गहरा घाव दिया है। सैकड़ों लोगों के घर और जमीन बह गई है, जिससे कई परिवार बेघर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र से आग्रह करेगी कि वन अधिकार कानून में संशोधन किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को राज्य सरकार की ओर से एक बीघा भूमि प्रदान की जा सके। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अभी तक प्रदेश सरकार अपने संसाधनों के सहारे राहत कार्य चला रही है और अब अपने खर्चों में कटौती करके प्रभावितों की सहायता को और मज़बूत किया जाएगा।