HIET कॉलेज शाहपुर में विज्ञान संस्कृति का संगम, भारतीय संस्कृति और वैज्ञानिक उपलब्धियों पर हुआ मंथन

उज्जवल हिमाचल । शाहपुर

HIET कॉलेज शाहपुर में विज्ञान भारती के तत्वावधान में एक प्रेरणादायक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्यविद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा से परिचित करना तथा भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा विज्ञान के क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक योगदानों से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विज्ञान भारती उत्तर क्षेत्र के प्रमुख एवं वरिष्ठ शिक्षाविद प्रो. डॉ. सोमदेव भारद्वाज रहे। वहीं केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश (CUHP) से प्रो. डॉ. दिलबाग सिंह (पर्यावरण विज्ञान विभाग) तथा प्रो. डॉ. शिवा राम (पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग) ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

अपने संबोधन में डॉ. सोमदेव भारद्वाज ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, संस्कृत एवं हिंदी भाषा की महत्ता से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भाषा और संस्कृति किसी भी राष्ट्र की आत्मा होती हैं और इन्हें आत्मसात कर ही समाज का समग्र एवं संतुलित विकास संभव है। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी और संस्कृत दोनों भाषाओं का अध्ययन करने तथा दैनिक जीवन में इनके प्रयोग का आह्वान किया। मुख्य वक्ता ने कहा कि सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद भारतीय वैज्ञानिकों ने विश्व को अमूल्य वैज्ञानिक खोजें दी हैं।

और देश का नाम वैश्विक मंच पर गौरवान्वित किया है। उन्होंने 28 फरवरी को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह दिवस महान वैज्ञानिक सर सी. वी. रमन की ऐतिहासिक खोज ‘रमन प्रभाव’ की स्मृति में मनाया जाता है। यह खोज 28 फरवरी 1928 को हुई थी, जिसके लिए उन्हें वर्ष 1930 में भौतिकी के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. भारद्वाज ने महान वैज्ञानिक आचार्य जगदीश चंद्र बोस के जीवन, संघर्ष एवं वैज्ञानिक उपलब्धियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला और उनके योगदान को भारतीय विज्ञान की अमूल्य धरोहर बताया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को अनुशासन, निरंतर परिश्रम और नवाचार को अपनाकर अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।