उज्ज्वल हिमाचल। पालमपुर
राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी (एन.ए.ए.एस ) के पालमपुर क्षेत्रीय अध्याय की उद्घाटन बैठक 24 सितंबर 2025 को सी.एस.आई.आर- हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (सी.एस.आई.आर-आई.एच.बी.टी), पालमपुर में एन.ए.ए.एस, नई दिल्ली के तत्वावधान में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। क्षेत्रीय अध्यायों की स्थापना एन.ए.ए.एस की पहुंच और नीति-निर्माण में भागीदारी को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन अध्यायों का कृषि चुनौतियों के समाधान तथा नीति सिफारिशें को प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण दायित्व होता है। अपने उद्घाटन संबोधन में सी.एस.आई.आर-आई.एच.बी.टी के निदेशक और एन.ए. ए.एस, फेलो डॉ. सुदेश कुमार यादव ने एन.ए.ए.एस फेलो के बीच सहयोग और ज्ञान साझा करने को बढ़ावा देने पर बल दिया, जिससे अकादमी की पहुंच और परामर्श का प्रभाव और गहरा हो सके। उन्होंने विशेष रूप से हिमालयी कृषि की स्थानीय आवश्यकताओं को वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ने में क्षेत्रीय अध्यायों की भूमिका को रेखांकित किया। एन.ए.ए.एस फेलो और पालमपुर अध्याय के संयोजक, डॉ. राम कुमार शर्मा, मुख्य वैज्ञानिक सी.एस.आई.आर-आई.एच.बी.टी ने एन.ए.ए.एस के मिशन का विस्तृत परिचय दिया और नवगठित अध्याय के लिए एक कार्य योजना प्रस्तुत की, जिसमें शैक्षणिक और जनसंपर्क गतिविधियों पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया। इस आयोजन में हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई प्रतिष्ठित एन.ए. ए.एस फेलो जैसे डॉ. पी.एल. गौतम, प्रो. सुधीर के. सोपोरी, प्रो. पी.के. खोसला, डॉ. सी.एल. आचार्य, डॉ. एस.के. शर्मा, डॉ. प्रदीप शर्मा, डॉ. मनोज धर, डॉ. रणजोध सिंह, डॉ. डी.पी. अब्रोल, डॉ. ए.के. शर्मा, डॉ. ए.के. चौधरी और डॉ. धर्म पाल ने सक्रिय भागीदारी की। इसके अतिरिक्त, एन.ए.ए.एस एसोसिएट्स, डॉ. विशाल आचार्य और डॉ. तनुजा बक्सेथ ने भी अपने विचार रखे । हाइब्रिड मोड में आयोजित इस मीटिंग में व्यापक भागीदारी रही। प्रमुख चर्चा में नीति-पत्रों का प्रकाशन, और क्षेत्रीय कृषि, बागवानी तथा औषधीय पौधों से संबंधित चुनौतियों के समाधान हेतु लक्षित पहलों को शामिल किया गया। इन बैठक ने क्षेत्रीय अध्याय की दृश्यता और प्रासंगिकता को बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाया, साथ ही क्षेत्रीय किसानों के कल्याण और साक्ष्य-आधारित कृषि नीति निर्माण में प्रत्यक्ष योगदान देने की दिशा में एक ठोस पहल की।





