उज्जवल हिमाचल। धर्मशाला
कांग्रेस नेता व धर्मशाला नगर निगम के पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह प्रकाशित हुआ है कि भाजपा के कुछ नेता बीती शुक्रवार रात धर्मशाला में एक ऐसे व्यक्ति के घर पर एकत्र हुए, जो हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुआ है और वहां राज्य सरकार के खिलाफ रणनीति बनाने की चर्चा हुई। अगर ये रिपोर्ट्स सत्य हैं तो यह घटना न केवल राजनीतिक अनुशासन का खुला उल्लंघन है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं की स्पष्ट अवहेलना भी है।
जग्गी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का यह स्पष्ट मत है कि लोकतंत्र में हर दल को अपनी बात रखने, आलोचना करने और सुझाव देने का अधिकार है, लेकिन किसी के निजी घर में बैठकर सरकार को अस्थिर करने की साजिश रचना, किसी जिम्मेदार विपक्ष या उसके नेता को शोभा नहीं देती। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद होना स्वाभाविक है, पर यह मतभेद मर्यादा और नैतिकता की सीमाओं में रहकर ही सार्थक होते हैं। जग्गी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सूक्खु बार-बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि कांग्रेस सरकार सत्ता के लिए नहीं, बल्कि जनसेवा और प्रदेश के विकास के लिए आई है। हमारी सरकार का हर निर्णय जनता के हित में है, न कि किसी व्यक्तिगत या राजनीतिक स्वार्थ के लिए, लेकिन कुछ लोग जिनके निजी हित पूरे नहीं हो पा रहे, वे झूठे नैरेटिव बनाकर और भ्रम फैलाकर प्रदेश की स्थिरता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस संदर्भ में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर इतने कमजोर हो गए हैं कि अब उन्हें अपनी ही पार्टी लाइन तोड़कर इस तरह की गुप्त बैठकों में शामिल होना पड़ रहा है ?
जग्गी ने कहा कि यह सर्वविदित है कि भाजपा के भीतर भी कई वरिष्ठ नेता इस कदम से असहमत हैं और इसे अनुशासन एवं अवसरवादिता का उदाहरण मान रहे हैं।
उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस से गद्दारी कर भाजपा में शामिल हुए सुधीर शर्मा क्या आज भाजपा के चाणक्य बन गए हैं कि उनके घर में चोरीछिपे कुछ नेताओं को लाकर रणनीतियां बनाई जा रही हैं? यह सवाल सिर्फ कांग्रेस का नहीं, बल्कि हिमाचल के हर जिम्मेदार नागरिक का है। अगर भाजपा जैसी राष्ट्रीय पार्टी में विपक्ष का नेता अपने शीर्ष नेतृत्व की जानकारी या सहमति के बिना इस तरह की गतिविधियों में शामिल है, तो यह न केवल राजनीतिक अनुशासन का प्रश्न है, बल्कि भाजपा की आंतरिक स्थिति और नेतृत्व की कमजोरी पर भी गंभीर टिप्पणी है।कांग्रेस पार्टी इसे लेकर भाजपा से यह आग्रह करती है कि वह अपनी अंदरूनी लड़ाई को अपने संगठन के भीतर सुलझाए। किसी के घर पर बैठकर राज्य सरकार को घेरने की रणनीति बनाना न केवल अनुचित और असंवैधानिक सोच है, बल्कि हिमाचल की लोकतांत्रिक परंपराओं का भी अपमान है।
राजनीति में प्रतिस्पर्धा स्वस्थ होती है न कि षड्यंत्रकारी
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार मजबूत है, स्थिर है और जनता के भरोसे के साथ कार्यरत है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार ने संसाधनों के प्रभावी उपयोग और योजनाओं के ईमानदार क्रियान्वयन के माध्यम से प्रदेश को नई दिशा दी है। परिणाम आने में समय लग सकता है, लेकिन दिशा सही है और नीयत पूरी तरह साफ़ है। राजनीति में प्रतिस्पर्धा स्वस्थ होती है जब वह रचनात्मक हो, न कि षड्यंत्रकारी।





