दिव्यांग बच्चों के लिए जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन

District level competition organized for disabled children
स्पेशल स्कूलों के 150 बच्चों ने खेलों में लिया भाग

मंडी : जिला युवा सेवा एवं खेल कार्यालय द्वारा विशेष विकलांग दिवस के उपलक्ष्य पर जिला स्तरीय विशेष खिलाड़ियों की एक दिवसीय प्रतियोगिता का आयोजन ऐतिहासिक पड्डल मैदान में किया गया। इस एक दिवसीय प्रतियोगिता में 100, 200, 400 मीटर रेस, बोची सॉफ्ट बाल थ्रो, ब्रॉड जंप, व्हील चेयर वॉक और रस्सी कूद खेलें करवाई गई और जो बच्चे इन प्रतियोगिताओं में पहले स्थान पर रहेंगे वे राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे जोकि बिलासपुर में आयोजित की जाएगी।

जिला युवा सेवा खेल अधिकारी जगदीश नायक ने बताया कि जिला मंडी के विशेष स्कूलों से लगभग 150 बच्चों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया है। यह प्रतियोगिता कोरोना माहामारी के चलते पिछले दो वर्ष नहीं मना पाए, लेकिन इस वर्ष हालात दूरूस्त होने के कारण इस प्रतियोगिता को करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग के द्वारा इन बच्चों को आने-जाने का किराया व खाने-पिने कि सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी और साथ ही जो बच्चे राज्य स्तरीय खेलों में चयनित होंगे। उन्हें ट्रेक सूट भी दिया जाएगा।

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उन्होंने कहा कि यहीं से बच्चे आगे राज्य तथा फिर राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित होते हैं और फिर पैरा ओलोंपिक में भी भाग लेते हैं। उन्होने पिछले पैरा ओलोंपिक कि बात करते हुए बताया कि जिला उना से निशांत कुमार जिन्होंने भारत को हाई जम्प में सिलवर मैडल दिलाया था हिमाचल और भारत देश के लिए यह गर्व कि बात है। उन्होंने कहा कि निसांत कुमार को हिमाचल सरकार व खेल विभाग कि तरफ से 1 करोड़ रूपय प्रोत्साहन राशि भी प्रदान कि गई। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि कोई भी बच्चा विकलांगता कि वजह से किसी भी क्षेत्र में पिछे ना रहे। अच्छी डाईट और व्यायाम से बच्चे आगे बढ़ सकते है और अपना और देश व अपने माता पिता का नाम रोशन कर सकते हैं।

इस अवसर पर डोगरा रेजिमेंट के भूतपूर्व सैनिक संजू राम ने विशेष बच्चों की प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया। जिसके लिए उन्होंने जिला खेल अधिकारी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विशेष बच्चे किसी काम को करने की ठान ले तो उस काम को पूरा करके ही छोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी काम असंभव नहीं होता और हम अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बार-बार प्रयास करते रहे तो सफलता जरूर हासिल होती है।

उन्होंने युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए कहा कि आज की पीढ़ी नशे की गर्त में डूबती जा रही है और हमें नशे से दूर रहना चाहिए क्योंकि नशा धीरे धीरे मनुष्य जीवन को खोखला कर देता है। आपको बता दें कि भूतपूर्व सैनिक संजू राम डोगरा रेजीमेंट में तैनाती के दौरान दुश्मनों से लोहा लेते हुए घायल हो गए थे और उनकी दोनों टांगो को चिकित्सकों के द्वारा काटना पड़ा था। उन्होंने अपना हौसला ना हारते हुए कृत्रिम टांगें लगाकर आम मनुष्य की तरह जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

संवाददाता : उमेश भारद्वाज

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