फाइलें छोड़ फावड़ा उठाया, टूटी सड़क देख गाड़ी रोककर खुद मरम्मत में जुट गए डीएसपी मनोज

उज्जवल हिमाचल। कांगड़ा

वर्दी का मतलब रौब नहीं, सेवा भी होती है। इसका जीता-जागता उदाहरण को पुराना कांगड़ा घाट मार्ग पर देखने को मिला, जब डीएसपी मनोज धीमान ने टूटी-फूटी सड़क देखकर सरकारी प्रक्रिया का इंतजार नहीं किया। गाड़ी रोककर हाथ में फावड़ा थामा और गड्ढों को भरने में जुट गए।

बड़े-बड़े गड्ढे और बिखरे पत्थरों के कारण हर रोज हादसे का खतरा बना हुआ था। दोपहिया वाहन चालक गिर रहे थे, स्कूल जाने वाले बच्चे डरे हुए थे और एंबुलेंस को भी रास्ता निकालने में दिक्कत हो रही थी।

डीएसपी मनोज धीमान अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। जैसे ही उनकी नजर इस टूटे-फूटे मार्ग पर पड़ी, उन्होंने गाड़ी रुकवा दी। उनके साथ मौजूद एएसआई सुरेंद्र कुमार और एएसआई पंकज कुमार भी तुरंत नीचे उतर आए।

पास में एक स्थानीय नागरिक अकेले ही बजरी डालकर गड्ढे भरने की कोशिश कर रहा था। सरकारी चिट्ठी और विभागीय इंतजार की बात सोचे बिना तीनों अधिकारी उसकी मदद में जुट गए। वर्दी की परवाह किए बिना उन्होंने फावड़ा उठाया और लगभग आधे घंटे तक लगातार सड़क के सबसे खतरनाक हिस्से को अस्थायी रूप से ठीक किया।

संवाददाता : तेजस्वी चौधरी

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