मत्स्य विभाग का एक्शन: अवैध मछली पकड़ने के 8 मामले दर्ज

उज्ज्वल हिमाचल। कांगड़ा

मत्स्य विभाग कांगड़ा (पालमपुर) द्वारा अवैध मछली पकड़ने के विरूद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गगल, कोटला, 32 मील व कांगड़ा के आसपास क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया गया। मत्स्य अधिकारी कांगड़ा पूजा देवी के नेतृत्व में मत्स्य विभाग टीम द्वारा की गई इस कार्यवाही में अवैध रूप से मछली बेचने के 8 मामले पकड़े गए तथा संबंधित व्यक्तियों से कुल 5400 का जुर्माना वसूल किया गया।

मत्स्य विभाग के निदेशक विवेक चन्देल (आई ए एस) ने बताया कि वाहरी राज्यों से बिना परमिट अथवा अनुमति के लाई जा रही मछली की जांच के लिए विभाग द्वारा नियमित रूप से चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार की चेकिंग अभियान जारी रखें जाएगें ताकि अवैध रूप से मछली के परिवहन और व्यापार पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

सहायक निदेशक मत्स्य पालमपुर डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि मत्स्य विभाग द्वारा समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण कर अवैध मछली पकड़ने तथा अवैध मछली व्यापार की जांच की जाती है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान वर्ष में अब तक अवैध मछली पकड़ने व बेचने के कुल 43 मामले जिला कांगड़ा में पकड़े जा चुके हैं, जिनसे विभाग द्वारा ₹45600 का जुर्माना वसूला है।

मत्स्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस प्रकार के निरीक्षण एवं चेकिंग अभियान जारी रहेंगे तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अवैध मछली व्यापार की जानकारी विभाग को दें, ताकि अवैध मछली व्यापार पर रोक लगाई जा सके।

मत्स्य विभाग का यह अभियान अवैध मछली पकड़ने और व्यापार को रोकने के लिए है। विभाग का कहना है कि अवैध मछली पकड़ने से मत्स्य संसाधनों का नुकसान होता है और यह पर्यावरण के लिए भी हानिकारक है। इसलिए, विभाग अवैध मछली पकड़ने और व्यापार के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के लिए प्रतिबद्ध है।