उज्ज्वल हिमाचल। नूरपुर
राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत इस सप्ताह हुई भारी वर्षा के बाद खड्ड मार्ग के रूप में बदल चुकी है। इतना ही नही कंडवाल से जसूर तथा आगे भाली तक का करीब 40 किलोमीटर भाग इस सड़क से यात्रा करने वालों को खून के आंसू रुला रहा है। सड़क की खराब हालत तथा इसमें व्याप्त गड्ढों को भरने के लिए कोई भी विभाग या निर्माण कंपनी इस समय मौके पर कार्यरत नहीं है। इस राजमार्ग को कंपनियों की आपसी लड़ाई मार गई। गत करीब दो सप्ताह से इस फोरलेन सड़क को बना रही स्थानीय कंपनी तथा मुख्य कंपनी में आर्थिक मतभेदों के चलते न सिर्फ़ प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य बल्कि रिपेयर का काम भी रुक चुका है। मामला करोड़ों का है अतः विवाद कब खत्म होगा अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।

उधर नूरपुर के चौगान क्षेत्र में फोरलेन की आईटीआई क्षेत्र में बन रही सड़क से मलवा युक्त पानी बाढ़ के रूप में चौगान राजमार्ग पर बह रहा है। इस स्थिति के कारण वाहन चालक व स्थानीय कारोबारी बेहद परेशान हैं। पीड़ितों का कहना है कि इस मामले मे सांसद व विधायक विधानसभा और लोकसभा में इस पर प्रश्न करे। इस मामले में राष्ट्रीय मानव अधिकार संघ के सह निदेशक राजेश पठानिया का कहना है कि राष्ट्रीय सड़क प्राधिकरण ने एक ऐसी कंपनी को इस सड़क यानी प्रोजेक्ट का काम सौंपा जिसे 37 किलोमीटर सड़क बनाने के लिए 6 साल का समय लग गया ।

इसका दुष्परिणाम प्रदेश के 6 जिलों के उप मंडलों के लोग भुगत रहे हैं जो इस सड़क का सबसे ज्यादा प्रयोग करते हैं। सांसद व विधायक महोदय से आग्रह है कि वह इस मामले में संज्ञान लें। सांसद महोदय के क्षेत्र में जसूर मे स्थित कार्यालय वाली सड़क जिस पर जसूर का बाजार भी स्थित है में सैकड़ो खतरनाक गड्ढे हैं। इस मामले में एनएचए आई के रेजिडेंट इंजीनियर वीरेंद्र प्रसाद का कहना है कि सड़क की हालत सुधारने के प्रयास किया जा रहे हैं। लगातार वर्षा कारण इस काम में बाधा उत्पन्न हुई है।
संवाददाता : विनय महाजन





