उज्ज्वल हिमाचल। शिमला
प्रदेश में रेड अलर्ट के बीच रविवार से जारी जोरदार बारिश ने तबाही मचाई है। जगह-जगह भूस्खलन से व्यापक नुकसान हुआ है। शिमला की जुन्गा तहसील में पटवार सर्कल डबलू के उप मोहाल जोत में एक घर भूस्खलन की चपेट में आ गया। हादसे में पिता और पुत्री की मौत हो गई है। मृतक की पहचान वीरेंद्र कुमार , पुत्र जय सिंह निवासी पटवार सर्कल डबलू के उप मोहाल जोत के रूप में हुई है। हादसे में उसकी 10 वर्षीय बेटी की भी मौत हो गई है। इसके साथ ही मवेशियों की भी मौत हो गई। घटना में मृतक की पत्नी बाल-बाल बच गई, क्योंकि वह उस समय घर के बाहर थीं।
उधर, कोटखाई में भारी बारिश की वजह से सुबह खनेटी के चोल गांव में एक मकान भूस्खलन के कारण ढह गया। भूस्खलन की चपेट में आने से एक बुजुर्ग महिला कलावती पत्नी बालम सिंह की मलबे में दबने से मौत हो गई। वहीं जुब्बल के भौली गांव में आशा देवी पत्नी स्वर्गीय अमर सिंह का मकान भूस्खलन से ढह गया। मलबे में दबने से एक बच्ची कनिष्का की मौत हो गई। प्रभावित परिवार को 30 हजार की फौरी राहत प्रदान की गई है। तहसीलदार जुब्बल और हलका पटवारी मौके पर मौजूद हैं, प्रभावित परिवार को निकटवर्ती सामुदायिक केंद्र में स्थानांतरित किया गया है।
शिमला में खलीनी-झंझीड़ी सड़क टूट गई है। सड़क का काफी हिस्सा बह गया है। रामनगर में भूस्खलन से खलीनी-टुटीकंडी बाईपास बाधित हो गया। शिव शक्ति बिहार मजीठा हाउस में सड़क ढहने से नीचे मौजूद मकान को खतरा हो गया है। कृष्णानगर वार्ड के लालपानी क्षेत्र में बाईपास पुल के पास सड़क पर पेड़ गिर गया। मैहली-शोघी सड़क पर पासपोर्ट कार्यालय क्षेत्र गीता निवास रूप कॉलोनी के नीचे भूस्खलन हुआ है। समरहिल, लोअर विकासनगर में भी भूस्खलन हुआ है। मज्याठ-नालागढ़ सड़क पर भी मलबा गिरा है। वहीं गाद आने से शहर की जल स्रोतों से पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। सुबह चौधरी निवास लोअर पंथाघाटी के पास भूस्खलन हुआ, जिसमें दो कारें दब गईं। भूस्खलन से एक बड़ा पेड़ अस्थिर हो गया है और किसी भी समय इमारत पर गिरने का खतरा है। छोटा शिमला-संजौली मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास भूस्खलन हुआ है। चमियाणा अस्पताल जाने वाली सड़क पर भी भूस्खलन हुआ है।
प्रदेश में जारी बारिश के बीच मानसून सीजन के दौरान अभी तक कुल 3,05,684.33 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 31 अगस्त तक 320 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 379 लोग घायल हुए हैं। 40 लोग अभी लापता हैं। इस दौरान 154 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है। बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 4,569 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 3,710 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,885 पालतु पशुओं की मौत हुई है।





