उज्ज्वल हिमाचल। शिमला
ऑनलाइन ठगी, धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, साइबर स्टॉकिंग, पहचान चोरी और बैंकिंग फ्रॉड जैसे मामलों से निपटने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के हर थाने में साइबर अपराध सहायता डेस्क की स्थापना कर दी गई है। यह सुविधा शुरू करने का मकसद साइबर अपराध पीड़ितों को तुरंत मदद उपलब्ध कराना और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। हर थाने में साइबर डेस्क की सुविधा देने वाला हिमाचल उत्तर भारत का दूसरा राज्य बन गया है।
हिमाचल के 138 थानों में शुरू की गई इस व्यवस्था से पुलिस अब पीड़ितों की शिकायतों को तुरंत दर्जकर उन्हें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल से जोड़ सकेगी। इससे मामलों की समयबद्ध जांच और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी। प्रदेश के सभी पुलिस जिलों में इंटीग्रेटेड साइबर क्राइम एक्सटेंशन यूनिट्स भी बनाई गई हैं। ये यूनिट्स हिमाचल साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के अंतर्गत काम करेंगी। कई बार विशेषज्ञता की कमी के कारण साइबर अपराधों की जांच और कार्रवाई में देरी होती है। नई व्यवस्था से अब पीड़ित सीधे साइबर अपराध डेस्क से संपर्क कर पाएंगे और उनकी शिकायतें तुरंत पोर्टल पर दर्ज होंगी।
साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सभी पुलिस जिलों में साइबर नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं, जो गंभीर साइबर अपराध मामलों की निगरानी करेंगे और जांच प्रक्रिया को तेज करेंगे। यह कदम न केवल साइबर सुरक्षा को मजबूत करेगा बल्कि अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित करेगा।





