हिमालयी जैवसंपदा और नवाचार को बढ़ावा, केंद्रीय राज्य मंत्री ने CSIR-IHBT की भूमिका को सराहा

उज्जवल हिमाचल । पालमपुर

केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान, और सी.एस.आई.आर. के उपाध्यक्ष, डॉ. जितेंद्र सिंह ने 28 मई को सी.एस.आई.आर.-हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान, पालमपुर (हि. प्र.) का दौरा किया और उसकी प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर सी.एस.आई.आर. की महानिदेशक और डी.एस.आई.आर. की सचिव, डॉ. एन. कलैसेल्वी भी उपस्थित रही।

डॉ. सुदेश कुमार यादव, निदेशक सी.एस.आई.आर.-आई.एच.बी.टी., ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान की गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने अरोमा और फ्लोरीकल्चर मिशनों के बारे में बताया, जो की स्थानीय अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी को सुदृढ़ कर रहे हैं। डॉ. एन. कलैसेल्वी ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्तर पर सी.एस.आई.आर. की नवीन पहलों एवं प्रमुख प्रौद्योगिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने उच्च स्तरीय विज्ञान के माध्यम से जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में सी.एस.आई.आर.-आई.एच.बी.टी. की भूमिका को रेखांकित किया। डॉ. कलैसेल्वी ने संस्थान के योगदान की सराहना की और आगामी प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ दीं।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में, डॉ. जितेंद्र सिंह जी ने संस्थान की वैज्ञानिक गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने स्टीविया और ट्यूलिप पर संस्थान के कार्यों तथा स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संस्थान में हिमालयी अर्थव्यवस्था का ध्वजवाहक बनने की क्षमता है तथा उसे इस तरफ प्रयासरत रहना चाहिए। माननीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि विज्ञान समाज के लिए है और इसकी उपलब्धियाँ जनसाधारण तक पहुंचनी चाहिए ताकि विकसित भारत का सपना साकार हो सके।

इस अवसर पर माननीय मंत्री ने संस्थान द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों पर आधारित उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। जनसामान्य में जागरूकता के लिए माननीय मंत्री ने संस्थान के सेल्फी प्वाइंट पर तस्वीरें खिंचवाईं और संस्थान द्वारा स्वदेशी हींग उत्पादन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों में सहभागिता की । कार्यक्रम में चंडीगढ़ स्वीट्स लिमिटेड, मोहाली; ई-हेम्प स्टोर्स प्रा. लि. नई दिल्ली; प्रारब्ध सोसाइटी, मंडी (हिमाचल प्रदेश); कानव बायोक्रिएशन्स प्रा. लि. ऊना (हिमाचल प्रदेश) कृषि रसायन प्रा. लि., कोलकाता; और परवाज़ ऑर्गेनिक्स, जालंधर (पंजाब) के साथ बारह प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते किए गए। इसके अलावा हिमालयन वीमेन, अवेयरनेस एंड लाइवलीहुड (हिमवाल) सोसाइटी, देहरादून (उत्तराखंड) के साथ एक समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित हुआ।