उज्जवल हिमाचल । कांगड़ा
कांगड़ा जिले की भरमाड़ कृषि सहकारी समिति में विभिन्न खंडों की कृषि सहकारी समितियों के पदाधिकारियों एवं विक्रेताओं के लिए इफको द्वारा नैनो उर्वरकों के उपयोग एवं जागरूकता विषय पर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सहकारी समितियों के सचिवों एवं विक्रेताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रशिक्षण शिविर में इफको हिमाचल प्रदेश के राज्य विपणन प्रबंधक डॉ. सुधीर सिंह कटियार, इफको कांगड़ा के डेलिगेट करण ओबेरॉय, राज्य कार्यालय शिमला से वरिष्ठ क्षेत्र प्रबंधक पवन सारस्वत तथा कृषि सेवा सहकारी समिति के प्रधान साधु राम विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशेषज्ञों ने इफको द्वारा विकसित विश्व के प्रथम नैनो यूरिया लिक्विड प्लस, नैनो डीएपी, नैनो कॉपर और नैनो जिंक के उपयोग, लाभ एवं वैज्ञानिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक से तैयार नैनो यूरिया लिक्विड प्लस में 20 प्रतिशत नाइट्रोजन उपलब्ध होती है, जो पौधों द्वारा अधिक प्रभावी ढंग से अवशोषित की जाती है और फसल उत्पादन बढ़ाने में सहायक है।
विशेषज्ञों ने इफको के प्राकृतिक सागरिका उत्पाद एवं नैनो डीएपी के उपयोग पर भी प्रकाश डालते हुए बताया कि इनके माध्यम से पारंपरिक एनपीके 12:32:16 जैसे उर्वरकों पर निर्भरता कम की जा सकती है। इससे न केवल किसानों की लागत घटेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और उर्वरक अनुदान पर होने वाले सरकारी व्यय में भी कमी आएगी।
प्रतिभागियों को खेतों में डेमो एवं ट्रायल के माध्यम से नैनो उर्वरकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं वरिष्ठ क्षेत्र प्रबंधक पवन सारस्वत ने भविष्य में रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता और उनके प्रभावी विकल्प के रूप में नैनो उर्वरकों की बढ़ती आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा करते हुए किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।





