उज्जवल हिमाचल। धर्मशाला
धर्मशाला के पूर्व महापौर देवेन्द्र जग्गी ने आज यहां कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता सुधीर शर्मा द्वारा दिया गया बयान “बम बनाने वालों को पैसा व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए” न केवल बेहद गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि यह उनकी संकीर्ण और अपरिपक्व सोच को भी उजागर करता है। देवेन्द्र जग्गी ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि से समाज को जोड़ने, शांति और सौहार्द का संदेश देने की अपेक्षा की जाती है, लेकिन इस तरह के बयान सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने वाले हैं।
उन्होंने कहा कि आतंक, हिंसा और बम जैसे शब्दों का प्रयोग राजनीतिक बयानबाज़ी में करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे जनता में गलत संदेश जाता है। पूर्व महापौर ने कहा कि नेताओं को अपनी भाषा और सोच में संयम बरतना चाहिए, न कि सनसनी फैलाने वाले बयान देकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश करनी चाहिए। देवेन्द्र जग्गी ने कहा कि इस प्रकार के बयान न केवल राजनीतिक मर्यादाओं के विरुद्ध हैं, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों का भी अपमान है।
उन्होंने कहा कि सुधीर शर्मा से जनता को अधिक परिपक्वता और जिम्मेदारी की उम्मीद थी, लेकिन उनका यह बयान निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि सुधीर शर्मा राजनीति में भाषा की गरिमा बनाए रखें और प्रदेश के हित में सकारात्मक राजनीति करें। देवेन्द्र जग्गी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश शांति, भाईचारे और संस्कारों की भूमि है, और यहां इस तरह की सोच का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।





