उज्जवल हिमाचल । पालमपुर
स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाने के विरोध को लेकर पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर के खिलाफ प्रदेश की जनता लंबे समय से सड़कों पर उतरकर विरोध जता रही है। लोग जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं, ज्ञापन सौंप रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
पूर्व विधायक ने रोष भरे लहजे में कहा कि सुक्खू सरकार प्रदेश की सीधी-सादी जनता को शक की निगाह से देख रही है और बिजली चोरी के नाम पर एकतरफा फरमान जारी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के भारी दबाव के बावजूद यदि सरकार टस से मस नहीं हो रही है, तो यह साफ संकेत है कि स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी के साथ सरकार की कोई बड़ी डील जरूर है।
प्रवीन कुमार ने कहा कि मौजूदा हालात में सरकार की कार्यशैली पर “हाथी के दांत दिखाने के और, खाने के और” वाली कहावत पूरी तरह चरितार्थ होती नजर आ रही है। उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि आज के आधुनिक दौर में भी प्रदेश के कई इलाकों में बिजली के खंभों की जगह बांस, टूटी-फूटी पाइपों और पेड़ों के सहारे तार लटके हुए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि कई क्षेत्रों में बिजली की आंख-मिचौली आम बात है। बल्ब मोमबत्ती की तरह टिमटिमाते रहते हैं और जैसे ही हवा या तूफान चलता है अथवा आसमान में बादल गरजते हैं, वैसे ही घंटों तक बिजली गुल हो जाती है। इसके चलते कई इलाकों में पूरी-पूरी रात अंधेरे में गुजरती है।
पूर्व विधायक ने कहा कि इस तरह की अव्यवस्थित व्यवस्था के कारण बिजली विभाग को भी भारी राजस्व घाटा उठाना पड़ता है। ऐसे में बेहतर होता कि सुक्खू सरकार स्मार्ट बिजली मीटर लगाने पर जोर देने के बजाय विभागीय खामियों को दूर करने, राजस्व नुकसान को रोकने और जनता की स्थायी समस्याओं के समाधान पर ध्यान देती। साथ ही उन्होंने मांग की कि बिजली आपूर्ति को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए अंडरग्राउंड केबलिंग जैसी योजनाओं पर गंभीरता से काम किया जाए।
संवाददाता । बलजीत शर्मा





