उज्जवल हिमाचल । नगरोटा बगवां
भाजपा किसान मोर्चा हिमाचल प्रदेश के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप शर्मा ने कहा है कि प्राकृतिक खेती आज कृषि क्षेत्र के लिए एक प्रभावी, टिकाऊ और लाभकारी विकल्प बनकर उभरी है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि करें और मिट्टी की उर्वरता को सुरक्षित बनाए रखें।
कुलदीप शर्मा ने जारी बयान में कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है। इसके विपरीत प्राकृतिक खेती किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन और अधिक लाभ प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि इस पद्धति में देशी गाय आधारित जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग किया जाता है, जिससे मिट्टी की उर्वराशक्ति बढ़ती है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने कहा, “प्राकृतिक तरीके से उत्पादित फसलें स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी होती हैं और बाजार में इन्हें बेहतर मूल्य भी प्राप्त होता है। यह केवल खेती की एक पद्धति नहीं, बल्कि प्रकृति और किसान के बीच संतुलन स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम है।”
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का संचालन कर रही है। किसानों को इन योजनाओं का लाभ उठाकर खेती की लागत कम करनी चाहिए, भूमि की उत्पादकता बढ़ानी चाहिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करना चाहिए।
कुलदीप शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकता है कि अधिक से अधिक किसान प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर हों और आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के किसानों से विशेष रूप से प्राकृतिक खेती को अपनाने और इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की।





