बदहाली के आंसू बहाने को मजबूर…! 1964 में रावी नदी पर बना ये पुल

उज्ज्वल हिमाचल। चंबा

जिले की जनजातीय क्षेत्र भरमौर के अंतर्गत पड़ने वाला ग्राम पंचायत लेच जोकि रावी नदी पर बना हुआ है आज बदहाली के आंसू बहाने को विवश हो चुका है। आपको बता दे कि लकड़ी का बना यह पुल जिसको की वर्ष 1964 में ग्रामीणों की सुविधा के लिए पैदल चलने योग्य निर्माण करवाया गया था पर आज उसी पुल कि हालत इतनी कर खस्ता हो चुकी है कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

हालंकि जर जर हो चुके इस पुल की मुरम्मत को लेकर ग्राम पंचायत लेच की प्रधान ने न जाने कितनी बार जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की चोखट में फरियाद लगाई पर दो साल बीतने के बाद भी उनकी इस फरियाद को किसी ने नहीं सुना। अब हालात ऐसे बन चुके है कि जगह जगह से टूटे इस पुल पर कोई ग्रामीण न जाए यह महिला प्रधान अपने ग्रामीण लोगों से इसी पुल पर खड़े होकर गुजारिश कर रही है। जिले की जनजातीय क्षेत्र ग्राम पंचायत लेच में बना यह वही लकड़ी का पुल है जिसको कि वर्ष 1964 में इस पंचायत के लोगों की सुविधा के लिए यह पैदल चलने योग्य बनाया गया था। पर अब इस पुल की हालत इतनी कर खस्ता हो चुकी है कि चलते समय कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

तस्वीरों में साफ तौर से देखा जा सकता है कि यह पुल जगह जगह से टूट चुका है जिसको की वहीं के स्थानीय ग्रामीण लोगों ने बडे बड़े पत्थरों से टूटी हुई जगह को भरा हुआ है। बताते चले कि ग्राम पंचायत लेच में करीब एक दर्जन गांव है और उनमें हजारों लोगों का आना जाना अक्सर इसी पुल से ही हुआ करता है। ग्राम पंचायत लेच की प्रधान ने इस पुल बारे जानकारी देते हुए बताया कि इस पंचायत में करीब एक दर्जन गांव आते है जिनमे गांव लेच, उपरली लेच, डुभालका, रमसैनका, बगोध, गाण, गुवाड़ सिंधुआ तथा सुक्रेठी है और इस पुल का निर्माण इन्ही गांव वालों की सुविधा के लिए किया हुए था पर आज पंचायत लेच को जोड़ने वाला पुल जोकि रावी नदी पर बना हुआ है।

लकड़ी के पुल की हालत इतनी खस्ता हो गई है कि बिना मुरम्मत के इस पुल के फटे जगह-जगह से टूट गए हैं। जिस कारण हादसे का अंदेशा बना रहता है। ग्राम पंचायत लेच कि प्रधान सुनीता भूषण ने बताया कि इस पुल की मुरम्मत को लेकर कई बार उन्होंने विभाग के चक्कर लगाए लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी इस समस्या का अभी तक कोई स्थाई हल नहीं निकाला पाया है। उन्होंने बताया कि समय पर इस पुल की मुरम्मत नही होने के कारण अब इस पुल के सारी लकड़ी गल सड़ गई है। कई जगह तो साइड में लगे हुए लकड़ी के एंगल तक निकल गए हैं जिस कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो। प्रधान सुनीता भूषण ने सरकार और जिला प्रशासन से इस पुल की हालात को सुधारने की मांग की है साथ ही यह भी मांग की है कि जल्द से जल्द पुल के सुधारीकरण का कार्य शुरू किया जाए ताकि कोई अप्रिय घटना घटित न हो।

संवाददाताः शैलेश शर्मा

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