MCM DAV कॉलेज कांगड़ा की छात्राओं ने चमकाया नाम, अंशिका और ईशा चौधरी ने हासिल किया प्रथम स्थान

उज्जवल हिमाचल । कांगड़ा

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा घोषित एमए अंग्रेजी चौथे सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में एमसीएम डीएवी कॉलेज कांगड़ा की छात्राओं ने अच्छा प्रदर्शन किया है। कॉलेज स्तर पर तैयार की गई मेरिट सूची में छात्राओं ने बेहतर स्थान प्राप्त करते हुए अपनी शैक्षणिक उपलब्धि दर्ज करवाई। कॉलेज की मेरिट सूची में अंशिका और ईशा चौधरी ने 7.48 सीजीपीए के साथ संयुक्त रूप से प्रथम स्थान हासिल किया। शिवानी ने 7.43 सीजीपीए के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि रितांक्षा 7.41 के साथ तृतीय स्थान पर रहीं। छात्राओं के इस प्रदर्शन से महाविद्यालय में प्रसन्नता का माहौल है।

एमए अंग्रेजी चौथे सेमेस्टर के परिणाम में प्राप्त यह उपलब्धि छात्राओं की नियमित मेहनत, विषय के प्रति रुचि और परीक्षा की बेहतर तैयारी को दर्शाती है। कॉलेज स्तर पर मेरिट सूची में स्थान हासिल करने वाली इन छात्राओं ने अपनी कक्षा में अच्छा प्रदर्शन करते हुए अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा प्रस्तुत की है। छात्राओं की इस उपलब्धि पर एमसीएम डीएवी कॉलेज कांगड़ा के प्राचार्य डॉ. बलजीत सिंह पटियाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अंशिका, ईशा चौधरी, शिवानी और रितांक्षा को बधाई दी। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम विद्यार्थियों की मेहनत का महत्वपूर्ण प्रतिबिंब होता है। उन्होंने छात्राओं को भविष्य में भी इसी लगन और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

प्राचार्य ने कहा कि महाविद्यालय में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें अपनी शैक्षणिक क्षमता को बेहतर बनाने के लिए उचित मार्गदर्शन दिया जाता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता में उनके परिश्रम के साथ-साथ शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। डॉ. पटियाल ने अंग्रेजी विभाग के प्राध्यापकों को भी छात्राओं के अच्छे प्रदर्शन के लिए बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को विषय की गहन समझ विकसित करने तथा बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए विभाग द्वारा निरंतर मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।

उन्होंने कहा कि महाविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल परीक्षा तक सीमित शिक्षा देना नहीं, बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा और भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाना है। ऐसे परिणाम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आगे और बेहतर करने के लिए प्रेरित करते हैं।