जल जीवन मिशन में नहीं मिला पैसा, चार महीने से आउटसोर्स कर्मचारीयों रूका वेतन

उज्ज्वल हिमाचल। शिमला

जल जीवन मिशन के तहत केंद्र सरकार से जो पैसा आना था, वह नहीं आ सका है। बार-बार डिमांड करने के बाद भी पैसा नहीं मिलने से यहां सभी काम रुक गए हैं। इन कार्यों के रुकने से आम जनता को मिलने वाली सुविधा नहीं मिल रही है, वहीं जो कर्मचारी आउटसोर्स आधार पर यहां लगाए गए हैं, उनको चार महीने से ज्यादा हो गए हैं, अब तक वेतन की अदायगी नहीं हो सकी है। ऐसे में ये कर्मी परेशान हैं और अब सडक़ों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं ठेकेदार, जिन्होंने जल जीवन मिशन के काम किए हैं, वे भी काम छोड़ चुके हैं, जिनको अभी तक पेमेंट नहीं हो सकी है। पेमेंट न होने से ठेकेदार भी परेशान हैं।

जल जीवन मिशन में बकाया राशि की अदायगी केंद्र सरकार से नहीं होने के कारण सभी काम रुक गए हैं। हालांकि प्रदेश सरकार इंतजार कर रही है कि केंद्र सरकार जल जीवन मिशन के दूसरे चरण की घोषणा करेगी, मगर अभी तक यह घोषणा नहीं हुई है। इससे पहले जो औपचारिकताएं प्रदेश की तरफ से पूरी की जानी चाहिए थीं, वे कर ली गई हैं। हाल ही में सरकार ने ग्रामीण इलाकों में पेयजल योजनाओं का जिम्मा पंचायतों को सौंप दिया है और यह जल जीवन मिशन में एक बड़ी शर्त थी, जिसे राज्य सरकार ने पूरा कर दिया है, परंतु अभी भी केंद्र सरकार न तो दूसरे मिशन की घोषणा कर रही है और न ही प्रदेश को बकाया राशि का भुगतान कर रही है। काफी पैसा अभी केंद्र सरकार से लिया जाना है।

राज्य में कई स्थानों पर जल जीवन मिशन के जो काम आखिरी चरण में थे, वे भी छूट गए हैं, जिससे लोग भी परेशान हैं और पूछने लगे है कि आखिर ये काम क्यों नहीं हो रहे हैं। इन कार्यों को आगे क्यों नहीं बढ़ाया जा रहा है। वहीं इस पर विधानसभा में कुछ विधायकों ने सवाल भी किए हैं, जिसमें सरकार की तरफ से यही कहा गया है कि केंद्र सरकार से बकाया राशि का भुगतान किया जाना है। भुगतान न होने की वजह से पैसा नहीं दिया जा रहा है।

यहां बता दें कि आउटसोर्स आधार पर जल जीवन मिशन के लिए 400 से ज्यादा डाटा एंट्री आपरेटर रखे गए थे, जिनको वेतन के लाले पड़ गए हैं। जो काम इन लोगों ने किया है, उसका मेहनताना नहीं मिल रहा है, जिससे वे परेशान हैं और अब सडक़ों पर उतरने की तैयारी में हैं। जल्द ही ये कर्मचारी भी अपनी रणनीति बनाएंगे। राज्य सरकार के पास इतने संसाधन नहीं हैं कि अपने खाते से पैसे का भुगतान करे, क्योंकि करोड़ों रुपए की राशि अभी इन ठेकेदारों को भी देनी है, जो कि नहीं दी जा सकी है।