उज्जवल हिमाचल । शाहपुर
द्रोणाचार्य कॉलेज ऑफ एजुकेशन, रैत के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) एवं प्रशिक्षण एवं विकास प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में “उत्कृष्टता की ओर सहभागिता: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं उत्कृष्ट शिक्षा हेतु कक्षा-कक्ष में स्वस्थ सहभागिता की प्रभावी प्रथाएँ” विषय पर अंतर-विभागीय पैनल चर्चा का आयोजन बी.एड. सेमिनार हॉल में किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के प्राध्यापकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं सहभागितापूर्ण शिक्षण पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं बैज अलंकरण से हुआ। संयोजक एवं मॉडरेटर श्री अनीश कोरला ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए पैनल चर्चा के उद्देश्यों तथा विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला।
पैनल चर्चा में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रवीण कुमार शर्मा ने संरक्षक एवं मुख्य पैनलिस्ट के रूप में, डॉ. अनीता चंदेल (IQAC समन्वयक), सुमित शर्मा (विभागाध्यक्ष, बी.एड.) तथा राजेश राणा (विभागाध्यक्ष, बी.सी.ए.) ने विशेषज्ञ पैनलिस्ट के रूप में अपने विचार प्रस्तुत किए।
चर्चा के दौरान विद्यार्थी सहभागिता, समावेशी शिक्षण, मूल्यांकन प्रणाली, डिजिटल एवं नवाचार आधारित शिक्षण तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने अनुभवात्मक अधिगम, सहभागितापूर्ण शिक्षण, दक्षतामूलक शिक्षा, सतत एवं समग्र मूल्यांकन तथा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया।
विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, समस्या समाधान क्षमता, संप्रेषण कौशल तथा आजीवन सीखने की प्रवृत्ति विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने परियोजना आधारित अधिगम, सहयोगात्मक शिक्षण, रिफ्लेक्टिव टीचिंग, एक्शन रिसर्च, केस स्टडी, 360-डिग्री फीडबैक और समावेशी शिक्षण जैसी आधुनिक पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया।
प्रश्नोत्तर सत्र में शिक्षकों ने विभिन्न शैक्षणिक चुनौतियों एवं उनके व्यावहारिक समाधान पर विशेषज्ञों से संवाद किया। वहीं आउटकम सत्र में प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने, मूल्यांकन प्रणाली में सुधार, शैक्षिक प्रौद्योगिकी के प्रभावी एकीकरण तथा संस्थागत गुणवत्ता संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए।
कार्यक्रम के अपेक्षित परिणाम वितिका, माधुरी, अतुल, शिल्पा शर्मा, भावना, डॉ. अश्वनी एवं रंजन ने प्रस्तुत किए। अंत में कार्यकारी निदेशक डॉ. बी.एस. पठानिया ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप विद्यार्थी-केंद्रित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में कुसुम पठानिया ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञ पैनलिस्टों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रबंध निदेशक जी.एस. पठानिया, कार्यकारी निदेशक डॉ. बी.एस. पठानिया, प्राचार्य डॉ. प्रवीण कुमार शर्मा, विभागाध्यक्ष सुमित शर्मा सहित कॉलेज का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।





