पठानकोट–जोगिंद्रनगर रेल लाइन ब्रॉड गेज सर्वे पूरा, 30,000 करोड़ का अनुमान

उज्जवल हिमाचल |नूरपुर

नूरपुर भारत सरकार के रेल वोर्ड ने पठानकोट-जोगिंद्रनगर नूरपुर भारत सरकार के रेल वोर्ड ने पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलवे लाइन को ब्रॉड गेज में बदलने का सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। को ब्रॉड गेज में बदलने का सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। हाल ही में रेलवे बोर्ड ने भारत सरकार के रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सौंपी दी हैंl यह जानकारी कांगड़ा चम्बा लोकसभा सांसद डॉ राजीव भारद्वाज ने मीडिया को देते हुए बताया कि इस सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना की अनुमानित लागत 30,000 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि सर्वे के मुताबिक,195 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित ब्रॉड गेज ट्रैक पर 7 सुरंगें और 1,150 छोटे-बड़े पुल बनाए जाएंगे। रिपोर्ट को अब वित्तीय मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। गौरतलब है कि 1926 में अंग्रेजों द्वारा बनाई गई यह कांगड़ा वैली रेलवे लाइन दुनिया की सबसे लंबी संकीर्ण गेज लाइनों में से एक है। वर्तमान में इस ट्रैक पर केवल 2 सुरंगें और लगभग 950 पुल हैं। ट्रैक की हालत पिछले एक दशक में अत्यंत खराब हो चुकी है और अब इसके जीर्णोद्धार की सख्त आवश्यकता है। कांगड़ा चम्बा सांसद डाक्टर राजीव भारद्वाज ने इस मामले मे सांसद संसदीय क्षेत्र के लोगों की आवाज पर रेल मंत्री से मिलकर इस ऐतिहासिक ट्रैक को ब्रॉड गेज में बदलने के आग्रह किया था l उसके तुरंत बाद बाद गूगल सर्वेक्षण शुरू हुआ। डीपीआर के अनुसार यह परिवर्तन न केवल क्षेत्रीय विकास को गति देगा बल्कि सामरिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। बाद यह मामला रेलवे बोर्ड की बैठक में आएगा जांच को मंजूरी दी जाएगी l इस मामले में रेल मंत्री का हार्दिक स्वागत किया है क्षेत्र के लोगों को इस मामले मे आशाऐ जागी है कि यह मामला अब धरातल पर आयेगा l गोरतलब हैं कि रेल लाइन हिमाचल प्रदेश की निचली पहाड़ियों के लगभग 40 लाख लोगों की जीवनरेखा मानी जाती है। अब जब सर्वेक्षण और डीपीआर तैयार हो चुकी है तो कांगड़ा चंबा लोकसभा लोकसभा सांसद डॉ राजीव भारद्वाज को केंद्र सरकार से जल्द से जल्द इस परियोजना को अब धरातल पर लाने का प्रयास करेंगेl यह परियोजना न केवल हिमाचल के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम होगी वही प्रदेश व देश के लिए एक मजबूत आधारशिला साबित हो सकती है।