मातृ-शिशु अस्पताल पर सियासत तेज, राकेश पठानिया और अजय महाजन आमने-सामने

 उज्जवल हिमाचल । नूरपुर

नूरपुर में 50 बिस्तरों वाले मातृ-शिशु अस्पताल को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व वन मंत्री एवं भाजपा नेता राकेश पठानिया द्वारा कांग्रेस सरकार पर चार वर्षों तक अस्पताल शुरू न करने का आरोप लगाए जाने के बाद पूर्व विधायक एवं पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय महाजन ने तीखा पलटवार किया है।

अजय महाजन ने कहा कि केवल भवन बनाकर अस्पताल जनता को समर्पित नहीं किया जा सकता। किसी भी अस्पताल को पूरी तरह कार्यशील बनाने के लिए बिजली, पानी, फर्नीचर, आधुनिक चिकित्सा उपकरण, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और पर्याप्त बजट जैसी सभी मूलभूत सुविधाओं का होना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले अधूरे अस्पताल का उद्घाटन कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की गई। उनका कहना था कि जनता को केवल भवन नहीं, बल्कि बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं चाहिए।

महाजन ने यह भी कहा कि मातृ-शिशु अस्पताल किसी एक व्यक्ति की देन नहीं है। उन्होंने बताया कि अस्पताल का शिलान्यास उस समय हुआ था, जब प्रदेश में स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह मुख्यमंत्री, कौल सिंह ठाकुर स्वास्थ्य मंत्री, वे स्वयं नूरपुर के विधायक और केंद्र में जगत प्रकाश नड्डा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री थे। उन्होंने पूर्व मंत्री राकेश पठानिया को सार्वजनिक बयानबाजी में मर्यादित भाषा का प्रयोग करने की सलाह भी दी।

वहीं, पूर्व वन मंत्री राकेश पठानिया ने दावा किया कि अस्पताल की स्वीकृति तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने उनकी मांग पर दी थी और इसके निर्माण में भाजपा सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने चार वर्षों तक तैयार अस्पताल को शुरू नहीं किया और अब चुनाव नजदीक आते ही जनता से नए वादे किए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से सवाल किया कि अपने कार्यकाल में अस्पताल को शुरू करवाने के लिए उन्होंने क्या प्रयास किए।

इस मुद्दे पर भाजपा विधायक रणवीर सिंह निक्का ने भी कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन के बाद नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा सरकार के समय शुरू किए गए विकास कार्यों की रफ्तार थम गई, जिसके कारण मातृ-शिशु अस्पताल समय पर शुरू नहीं हो सका। उनका आरोप था कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार होने और क्षेत्र से भाजपा विधायक होने के कारण विकास कार्यों में भेदभाव किया जा रहा है।

रणवीर सिंह निक्का ने बताया कि 50 बिस्तरों वाले मातृ-शिशु अस्पताल का शिलान्यास 13 सितंबर 2017 को तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने, तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किया था। इसके बाद अस्पताल भवन का निर्माण भाजपा सरकार के दौरान लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुआ और 8 अक्टूबर 2022 को तत्कालीन वन मंत्री एवं नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया ने इसका लोकार्पण किया।

अब यह अस्पताल एक बार फिर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन गया है। एक ओर भाजपा कांग्रेस सरकार पर अस्पताल शुरू करने में देरी का आरोप लगा रही है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि बिना आवश्यक सुविधाओं के अस्पताल का उद्घाटन केवल चुनावी दिखावा था। ऐसे में क्षेत्र की जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अस्पताल पूरी क्षमता के साथ कब शुरू होगा और माताओं एवं नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं कब मिलेंगी।

संवाददाता : विनय महाजन 

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