उज्ज्वल हिमाचल। ज्वाली
कांगड़ा जिला में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते खड्डों-नालों का पानी उफान पर है और सड़कों पर भी जलभराव की स्थिति बन गई है। देहर, देहरी, गज, गुहन, मंजुही और बूहल खड्डों में पानी का बहाव तेज होने से पौंग बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
24 अगस्त शाम 6 बजे पौंग बांध का जलस्तर 1382.71 फीट रिकॉर्ड हुआ, जिसमें पानी की आमद 1,37,378 क्यूसिक और निकासी 23,952 क्यूसिक रही। उसी दिन रात 7 बजे जलस्तर बढ़कर 1382.88 फीट हो गया और झील में पानी की आवक 1,44,468 क्यूसिक पहुंची। 25 अगस्त सुबह 7 बजे जलस्तर 1384.61 फीट दर्ज किया गया, जिसमें 1,46,174 क्यूसिक पानी आया जबकि 39,837 क्यूसिक पानी छोड़ा गया।
25 अगस्त शाम को पौंग बांध का जलस्तर बढ़कर 1385.81 फीट तक पहुंच गया। उस समय 1,80,114 क्यूसिक पानी की आवक हुई और 59,598 क्यूसिक पानी छोड़ा गया। अब खतरे के निशान से बांध का जलस्तर महज 5 फीट ही नीचे है।
मौजूदा हालात
26 अगस्त को सुबह बांध का जलस्तर 1388.22 फीट रिकॉर्ड किया गया, जिसमें 1,67,133 क्यूसिक पानी आ रहा है तथा 67,885 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है। बीबीएमबी ने जानकारी दी है कि 26 अगस्त सुबह 5 बजे से हर घंटे दो-दो हजार क्यूसिक पानी छोड़ा जाएगा और सुबह 9 बजे अतिरिक्त एक हजार क्यूसिक पानी छोड़े जाने के साथ कुल निकासी 75 हजार क्यूसिक तक पहुंच जाएगी।
मंड क्षेत्र में कहर
पहले भी बांध से छोड़े गए पानी ने मंड क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी। अब लगातार बारिश से फिर से खेत-खलिहान जलमग्न हो चुके हैं। कई घर पानी की चपेट में आ गए हैं और फसलें बह गई हैं।
प्रशासन की तैयारी
एसडीएम फतेहपुर विश्रुत भारती ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है लेकिन प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है। पशुओं के चारे की व्यवस्था के लिए पशुपालन विभाग को निर्देश दिए गए हैं। राधा स्वामी सत्संग भवन बडूखर में राहत कैंप बनाया गया है, जहां प्रभावित लोगों को सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं।
संवाददाता : चैन गुलेरिया





