कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में ‘आर प्रोग्रामिंग’ पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित

उज्जवल हिमाचल । पालमपुर 

चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय (सीएसकेएचपीकेवी), पालमपुर ने दिल्ली विश्वविद्यालय के सहयोग से 3 और 4 जुलाई 2026 को “कृषि विज्ञानों हेतु आर प्रोग्रामिंग” विषय पर दो दिवसीय एएनआरएफ (ANRF) प्रायोजित कार्यशाला का सफल आयोजन किया। यह कार्यशाला अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) के “पार्टनरशिप्स फॉर एक्सेलरेटेड इनोवेशन एंड रिसर्च (PAIR)” कार्यक्रम के तहत आयोजित की गई। इसका उद्देश्य कृषि शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और वैज्ञानिकों को मुक्त स्रोत सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर आर (R) के माध्यम से डेटा विश्लेषण और संगणकीय अनुसंधान की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था।

कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं एएनआरएफ-PAIR परियोजना के समन्वयक प्रो. राज किशोर शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने आधुनिक कृषि अनुसंधान में डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सांख्यिकीय प्रोग्रामिंग की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शोध आंकड़ों के सटीक विश्लेषण और सतत कृषि के लिए वैज्ञानिक एवं साक्ष्य-आधारित समाधान विकसित करने में आर प्रोग्रामिंग एक अत्यंत प्रभावी और आवश्यक उपकरण बन चुकी है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक प्रो. देश राज चौधरी ने विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों के लिए अधिक से अधिक छात्र-केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं शोधकर्ताओं को नवीन वैज्ञानिक तकनीकों और व्यावहारिक अनुसंधान कौशल से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

वहीं, कॉलेज ऑफ बेसिक साइंसेज के अधिष्ठाता प्रो. राजन कटोच ने कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परिवर्तनकारी भूमिका पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को एआई आधारित तकनीकों और डिजिटल उपकरणों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।

दो दिवसीय कार्यशाला में 65 से अधिक विद्यार्थियों, शोधार्थियों और संकाय सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों को आर प्रोग्रामिंग के माध्यम से सांख्यिकीय विश्लेषण, डेटा प्रबंधन, ग्राफिकल विज़ुअलाइज़ेशन तथा कृषि अनुसंधान से जुड़े आंकड़ों के व्यावहारिक विश्लेषण का प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला का संयोजन डॉ. अभिषेक वालिया और डॉ. राधिका शर्मा ने किया, जबकि तकनीकी सत्रों का संचालन दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. शैलेंद्र कुमार वर्मा, श्री आनंद कुमार भारती और श्री रजत भट्ट ने किया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को आर प्रोग्रामिंग के व्यावहारिक उपयोग और कृषि अनुसंधान में इसके विभिन्न अनुप्रयोगों से विस्तारपूर्वक अवगत कराया।

आयोजकों ने विश्वास जताया कि इस कार्यशाला से युवा वैज्ञानिकों और शोधार्थियों की अनुसंधान क्षमता, डिजिटल दक्षता और डेटा विश्लेषण कौशल को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही, सीएसकेएचपीकेवी पालमपुर और दिल्ली विश्वविद्यालय के बीच एएनआरएफ-PAIR कार्यक्रम के तहत स्थापित शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग को भी नई दिशा मिलेगी।

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