भारत को समुद्री महाशक्ति बनाने में नाविकों की अहम भूमिका: कैप्टन संजय पराशर

उज्जवल हिमाचल । जसवां परागपुर 

समुद्र की अथाह गहराइयों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच देश की आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाले समुद्री नाविकों (सीफेरर्स) के सम्मान में मनाए जाने वाले सीफेरर्स दिवस के अवसर पर वीआर मैरीटाइम के प्रबंध निदेशक एवं नेशनल शिपिंग बोर्ड के पूर्व सदस्य कैप्टन संजय पराशर ने प्रदेश और देशभर के नाविकों को शुभकामनाएं दीं।

वीरवार को जारी अपने संदेश में कैप्टन पराशर ने कहा कि भारतीय जहाजरानी उद्योग की निरंतर प्रगति के पीछे नाविकों का समर्पण, अनुशासन और अथक परिश्रम सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि समुद्र में कार्यरत नाविक केवल जहाजों का संचालन ही नहीं करते, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करते हैं। वैश्विक व्यापार को सुचारु बनाए रखने और समुद्री अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि जहाजरानी उद्योग अब हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय राज्य के युवाओं के लिए भी रोजगार के नए द्वार खोल रहा है। इस दिशा में वह स्वयं भी लंबे समय से लगातार प्रयासरत हैं। वर्तमान में प्रदेश के लगभग पांच हजार युवा समुद्री सेवाओं में कार्यरत हैं और आने वाले वर्षों में इस संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।

कैप्टन पराशर ने विश्वास जताया कि आने वाला समय समुद्री क्षेत्र से जुड़े युवाओं के लिए स्वर्णिम अवसर लेकर आएगा। उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2030 तक विश्व में एक मजबूत समुद्री शक्ति के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा, जिससे रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। अगले दस वर्षों में इस क्षेत्र में रोजगार सृजन की गति दोगुनी होने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत शिप रिसाइक्लिंग के क्षेत्र में विश्व में दूसरे स्थान पर है और वर्ष 2030 तक प्रथम स्थान प्राप्त करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वहीं जहाज निर्माण और मरम्मत के क्षेत्र में भी देश अपनी वैश्विक रैंकिंग में सुधार की दिशा में कार्य कर रहा है।

कैप्टन पराशर ने बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में शिपिंग क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने प्रदेश में अन्य शिपिंग कंपनियों को आकर्षित करने के लिए भी निरंतर प्रयास करने की बात कही।

अंत में उन्होंने नाविकों से अपने कर्तव्यों, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। साथ ही इस क्षेत्र में आने वाले युवाओं को सुरक्षित रोजगार और सही मार्गदर्शन के प्रति जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मर्चेंट नेवी का 107 वर्षों का गौरवशाली इतिहास उसकी उपलब्धियों और योगदान का प्रमाण है तथा इस क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए मिलकर कार्य करना चाहिए।

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