एसएमआई हॉस्पिटल कांगड़ा ने 15 से ज्यादा फ्री नेत्र जांच शिविरों का किया आयोजन : संदीप महाजन

उज्ज्वल हिमाचल। कांगड़ा

एसएमआई हॉस्पिटल के निर्देशक व चीफ आई सर्जन डॉ. संदीप महाजन ने बताया कि बीते जुलाई माह में एसएमआई अस्पताल घुरकड़ी कांगड़ा के सौजन्य से लगभग 15 से ज्यादा फ्री आई चैकअप कैंपों का सफल आयोजन किया गया। इन कैंपों में लगभग 2200 से ज्यादा मरीजों की आंखों का निरीक्षण किया गया। यह कैंप विभिन्न जिला के विभिन्न पंचायत क्षेत्रों के अंर्तगत लगाए गए। जिनमें मुख्यतः जिला चंबा, कांगड़ा, बिलासपुर व हमीरपुर में नेत्र जांच शिविरों का सफल आयोजन किया गया। यह कैंप जिला के दूर दराज के पंचायत क्षेत्रों में लगाए गए।

बरसात मौसम के चलते यह कैंप आम जनता के लिए और भी ज्यादा लाभदायक सिद्ध हुए। क्योंकि बरसात के मौसम में आंखों की विभिन्न बीमारियों के साथ साथ मौसम के अनुरूप भी कई बीमारियां आंखों में लग जाती है। जिससे बचाव के लिए सावधानी रोग से पहले से ही अमल में लानी पढ़ती हैं। एसएमआई अस्पताल का फ्री आई कैंप लगाने का मुख्य उदेश्य मरीजों को बीमारी के सदंर्भ में अवगत कराना है और उसके प्रति जागरूक करना है। जिससे कि रोगी को यह पता चल सके कि आंखों का यह रोग कितना गंभीर है और इसका इलाज कितने समय तक चलेगा व इसके बचाव के लिए क्या- क्या सावधानियां बरतने की जरूरत है।

एसएमआई हॉस्पिटल घुरकडी की टीम में ऑफथैलिमिक ऑफिसर अमिताभ छाबरा, प्रणव डडवाल, अंजू सहगल व सहयोगी स्टाफ में मनोहर लाल, सुवीन कुमार, रविन्द्र कुमार, सूरज प्रकाश अजय भाटिया ने मिलकर लगभग 2200 से ज्यादा मरीजों की आंखों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जो बीमारियां सामने आई उससे सम्बधित दवाईयां भी एसएमआई अस्पताल के सौजन्य से मुफत बांटी गई। इन कैंपों में मरीजों की आंखों के निरीक्षण के दौरान विभिन्न बीमारियां सामने आई जिसमें मुख्यत, सफेद मोतियाबिंद, कालामोतियाबिंद आंखों के पर्दे से संबंधित बीमारियां। पिछले 6 महीनों में जितने भी कैंप लगाए गए उनमें बढ़ते बच्चों की आखों की रोशनी का कम होना, ज्यादा नंबर के चश्में लगना, रंगों को न पहचान पाना, सर दर्द रहना व तनाव में रहना जैसे रोगों से ग्रस्त पाए गए।

एसएमआई अस्पताल के निर्देशक व चीफ आई सर्जन डॉ. संदीप महाजन ने बताया कि फ्री कैंप आयोजित करना अस्पताल प्रबंधन समिति का एक अहम कर्तव्य बन चुका है जिसका मुख्य उदेश्य गरीब व शारीरिक कुशलता से हीन मरीज तथा जिन लोगों के पास अपनी आंखों का चैक अप करवाने का कोई विकल्प नहीं है, अस्पताल प्रबंधन समिति उन क्षेत्रों जाकर कैंप आयोजित कर रही है। जिससे कि प्रदेश का हर नागरिक अपनी आंखों की रोशनी बचा सके एवं उसकी देखभाल समय रहते कर सके। ताकि प्रदेश का कोई नागरिक दृष्टिहीन न हो सकें।