उज्जवल हिमाचल । कांगड़ा
डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय (आरपीजीएमसी), टांडा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के अध्यक्ष एवं कैबिनेट रैंक मंत्री आर.एस. बाली के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर सहयोग से प्रदेश की स्वास्थ्य अवसंरचना, विशेषकर आरपीजीएमसी टांडा के हृदय रोग विभाग (कार्डियोलॉजी विभाग) को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य के लोगों को गुणवत्तापूर्ण, सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के अपने संकल्प पर लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व और आर.एस. बाली के मार्गदर्शन में आरपीजीएमसी टांडा में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि हाल के समय में हृदय रोग विभाग में जनशक्ति और शैक्षणिक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसका सीधा लाभ कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, ऊना, मंडी सहित आसपास के जिलों के हजारों मरीजों को मिलेगा, जिन्हें उन्नत हृदय रोग उपचार की आवश्यकता होती है।
डॉ. मिलाप शर्मा ने बताया कि डॉ. प्रियंका के हृदय रोग विभाग में पुनः कार्यभार संभालने से विभाग को नई मजबूती मिली है। उनका पुनः जुड़ना विभाग के पुनर्गठन और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री द्वारा चिकित्सकों के लिए सकारात्मक, पारदर्शी और पेशेवर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की नीति का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल से अनुभवी चिकित्सकों को प्रदेश में सेवाएं जारी रखने के लिए प्रोत्साहन मिला है। इससे न केवल मरीजों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित होगी, बल्कि चिकित्सा शिक्षा और शोध गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
डॉ. प्रियंका के दोबारा जुड़ने के बाद अब हृदय रोग विभाग में छह विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट कार्यरत हैं। इससे यह विभाग राज्य सरकार के अधीन सबसे मजबूत कार्डियोलॉजी टीमों में शामिल हो गया है। विशेषज्ञों की संख्या बढ़ने से मरीजों का प्रतीक्षा समय कम होगा, आपातकालीन हृदय सेवाएं और कैथ लैब सुविधाएं सुदृढ़ होंगी। साथ ही ओपीडी और आईपीडी सेवाओं का विस्तार होगा तथा 24 घंटे विशेषज्ञ हृदय रोग सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
उन्होंने कहा कि विभाग के सुदृढ़ होने से एमबीबीएस और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों की शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। इसके अलावा नैदानिक शोध और उन्नत हृदय प्रक्रियाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। विशेष रूप से दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को अपने प्रदेश में ही विशेषज्ञ हृदय उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
डॉ. मिलाप शर्मा ने बताया कि विभाग में पर्याप्त संकाय उपलब्ध होने के बाद अब आरपीजीएमसी टांडा हृदय रोग विषय में डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (डीएम) कार्यक्रम शुरू करने की स्थिति में पहुंच गया है। पहले संकाय की कमी के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था। डीएम पाठ्यक्रम शुरू होना संस्थान और पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।
उन्होंने कहा कि डीएम कार्यक्रम शुरू होने से राज्य में ही सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक तैयार होंगे। इससे बाहरी संस्थानों पर निर्भरता कम होगी, चिकित्सा शिक्षा और शोध को बढ़ावा मिलेगा तथा प्रदेश के लोगों को उन्नत हृदय रोग उपचार की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
कॉलेज प्रशासन का मानना है कि ये सभी उपलब्धियां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और आर.एस. बाली के दूरदर्शी नेतृत्व एवं निरंतर सहयोग का परिणाम हैं। सरकारी चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाने की उनकी प्रतिबद्धता प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के संकल्प को दर्शाती है।
प्राचार्य ने कहा कि हृदय रोग विभाग का सुदृढ़ीकरण केवल विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा निवेश है। इससे संस्थान अधिक उन्नत हृदय प्रक्रियाएं कर सकेगा, आपातकालीन सेवाएं बेहतर होंगी, चिकित्सा शिक्षा का स्तर ऊंचा होगा और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि आरपीजीएमसी टांडा भविष्य में भी मरीजों की गुणवत्तापूर्ण देखभाल, चिकित्सा शिक्षा, नैतिक चिकित्सा अभ्यास और शोध के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। हिमाचल प्रदेश सरकार के सहयोग से संस्थान आने वाले समय में भी नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा। अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि इन पहलों का लाभ पूरे हिमाचल प्रदेश की जनता को मिलेगा और आरपीजीएमसी टांडा बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, उन्नत चिकित्सा शिक्षा तथा उत्कृष्ट मरीज देखभाल के क्षेत्र में अपनी भूमिका को और मजबूत करेगा।





