इटारसी में अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा का 18वां राष्ट्रीय अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न

उज्ज्वल हिमाचल। कांगड़ा

इटारसी, मध्य प्रदेश में अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा का 18वां दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन कविवर भवानी प्रसाद मिश्र ऑडिटोरियम में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अधिवेशन में देश के विभिन्न प्रदेशों से आए पदाधिकारियों ने भाग लिया और वाल्मीकि समाज के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किए। अधिवेशन के पहले दिन उज्जैन से राज्यसभा सांसद श्रदां गुरूजी बालयोगी उमेश नाथ महाराज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में वाल्मीकि समाज को संदेश दिया कि उनका जीवन वाल्मीकि समाज की सेवा के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि वह राष्ट्र के हर प्रदेश में वाल्मीकि समाज के उत्थान के लिए काम करेंगे।

मुख्य अतिथि को सम्मानित करने के लिए देश के विभिन्न प्रदेशों से आए पदाधिकारियों ने उन्हें सम्मानित किया। हिमाचल प्रदेश के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि को मां बज्रेश्वरी की चुन्नी, माता के दरबार की फोटो, और प्रसाद भेंट किया। अधिवेशन के दूसरे दिन राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुदेश सहोंतरा के नेतृत्व में राष्ट्रीय अध्यक्ष रामगोपाल राजा को मां ब्रजेश्वरी की चुन्नी, माता के दरबार की फोटो, और प्रसाद भेंट किया गया। सुदेश सहोंतरा ने अपनी तरफ से देश के विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों को माता की चुन्नी, फोटो, और प्रसाद भेंट किया।

अधिवेशन के समापन से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष रामगोपाल राजा ने वाल्मीकि समाज के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किए, जो शीघ्र ही केंद्र सरकार के सम्मुख पेश किए जाएंगे। प्रोग्राम के समापन में मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पुरुषोत्तम डागौर ने देश के विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों का धन्यवाद किया और कहा कि यह अधिवेशन वाल्मीकि समाज के उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।