आँखें ही बताएंगी पूरे शरीर का हाल, आने वाला समय रेटिना स्कैन का है: डॉ. संदीप महाजन

उज्जवल हिमाचल । कांगड़ा 

जब मैं 1976-80 में मेडिकल कॉलेज में पढ़ता था, तब हमें सिखाया जाता था कि शरीर के अलग-अलग अंगों की बीमारी जानने के लिए अलग-अलग जांचें करनी पड़ती हैं। मस्तिष्क के लिए एक्स रे , हृदय के लिए अलग जांच, और रक्तवाहिनियों के लिए अलग परीक्षण। लेकिन आज नेत्र विज्ञान जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, उसे देखकर मुझे लगता है कि भविष्य में तस्वीर काफी बदलने वाली है।

आँख शरीर का एकमात्र ऐसा हिस्सा है जहाँ हम रक्तवाहिनियों को सीधे देख सकते हैं। रेटिना की छोटी-छोटी नसें और धमनियाँ हमारे पूरे शरीर की रक्तवाहिनियों का प्रतिबिंब होती हैं। यही कारण है कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कई अन्य बीमारियों के संकेत हमें सबसे पहले आँखों में दिखाई देते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में रेटिना की जांच करने वाली तकनीकों में क्रांतिकारी बदलाव आया है। आज हम ऐसी तस्वीरें ले सकते हैं जिनमें रेटिना की सबसे सूक्ष्म परतें और रक्त प्रवाह तक दिखाई देता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से इन तस्वीरों का विश्लेषण और भी अधिक सटीक हो गया है।

दुनिया भर के वैज्ञानिक और बड़ी तकनीकी कंपनियाँ इस दिशा में काम कर रही हैं कि क्या केवल आँखों की तस्वीर देखकर किसी व्यक्ति के हृदय, मस्तिष्क और रक्तवाहिनियों की स्थिति का अनुमान लगाया जा सकता है। शुरुआती शोध बहुत उत्साहजनक हैं। कई बार रेटिना में दिखने वाले परिवर्तन हमें भविष्य में होने वाले स्ट्रोक, हृदय रोग या न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का संकेत पहले ही दे देते हैं।

मेरा मानना है कि वह दिन दूर नहीं जब एक साधारण फंडस स्कैन या रेटिना स्कैन कुछ ही मिनटों में डॉक्टर को यह बता देगा कि शरीर की रक्तवाहिनियाँ कितनी स्वस्थ हैं, बीमारी कहाँ तक पहुँची है और उपचार कितना प्रभावी चल रहा है।

मैं यह नहीं कहूँगा कि एमआरआई और सीटी स्कैन पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे। उनकी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। लेकिन इतना अवश्य है कि प्रारंभिक जांच और स्क्रीनिंग के लिए आँखों की रेटिना भविष्य में सबसे महत्वपूर्ण खिड़की बन सकती है नेत्र रोग विशेषज्ञ होने के नाते मैं रोज़ देखता हूँ कि आँखें केवल देखने का माध्यम नहीं हैं। वे शरीर के भीतर चल रही अनेक प्रक्रियाओं का संकेत भी देती हैं। मुझे विश्वास है कि आने वाले वर्षों में नेत्र विज्ञान केवल आँखों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य की जानकारी देने वाला एक महत्वपूर्ण विज्ञान बन जाएगा।

कहते हैं कि आँखें दिल की बात बता देती हैं। आधुनिक विज्ञान शायद जल्द ही यह साबित कर देगा कि आँखें शरीर की भी बहुत-सी बातें बता सकती हैं। अत: अपने शरीर को स्वास्थ्य रखने के लिये आँखों की जांच समय पर ज़रूर करवायें ।

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