उज्ज्वल हिमाचल। पालमपुर
डॉ. जितेंद्र सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, एवं उपाध्यक्ष सीएसआईआर आज सीएसआईआर-हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान, पालमपुर (सीएसआईआर-आईएचबीटी), पालमपुर द्वारा आयोजित की गई। ईएमबीओ अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला और उद्योग, किसान और शिक्षाविदों की बैठक में मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। उन्होने कार्यक्रम में ऑनलाइन प्रतिभागिता की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. जितेंद्र सिंह ने हिमालयी क्षेत्र की जैव-आर्थिकी को बढ़ावा देने में संस्थान के प्रयासों की सराहना की तथा स्टार्टअप्स और इन्क्यूबेटीज को प्रोत्साहित करने पर संस्थान के कार्यों पर प्रसन्नता व्यक्त की।

मंत्री ने पुष्पकृषि और सगंध मिशन तथा पोषण मैत्री अभियान की सफलता पर खुशी जताई। उन्होंने जनता को सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा शुरू किए गए विभिन्न मिशनों को उजागर किया। उन्होंने समन्वय और एक सप्ताह एक थीम उत्सवों का भी उल्लेख किया तथा सभी से एकजुट होकर विकसित भारत के लिए काम करने का आह्वान किया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने जोर देकर कहा कि विज्ञान का लाभ आम आदमी तक पहुंचना चाहिए जिसमे मीडिया का विशेष महत्व है। बदलते परिवेश में सोशल मीडिया इसमे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और इसका उपयोग बेहतर तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने सभा को वर्चुअली संबोधित किया। सीएसआईआर-आईएचबीटी के निदेशक, डॉ. सुदेश कुमार यादव ने अपने स्वागत संबोधन में मंत्री, गणमान्य व्यक्तियों और सभी प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने संस्थान की गतिविधियों और उपलब्धियों को प्रस्तुत किया और आत्मनिर्भरता समावेशी विकास की दिशा में संस्थान के योगदान को उजागर किया।

उन्होंने संस्थान में स्वायत्त ग्रीन हाउस, हींग बीज उत्पादन सुविधा, हींग क्यूपीएम सुविधा, सजावटी बल्ब उत्पादन सुविधा, फाइटो-एनालिटिकल सुविधा का भी उद्घाटन किया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने फाइटोफैक्टरी सुविधा की आधारशिला भी रखी और संस्थान की प्रौद्योगिकियों पर आधारित उत्पादों और पहलों की प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। इसमें इन्क्यूबेटीज, स्टार्टअप्स और किसान समितियों के स्टॉल थे। इस अवसर पर सुगंधित फसलों और पुष्पकृषि पर ब्रोशर सहित संस्थान के पांच प्रकाशनों को भी जारी किया गया। इसके अलावा, दो प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए। निदेशक आईआईआईएम जम्मू , डॉ. ज़बीर अहमद और प्रोफेसर क्रिश्चियन कोर्नर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।





