शक्तिपीठ ज्वालामुखी में गुप्त नवरात्रों का पूर्णाहुति व कन्या पूजन के साथ समापन

उज्ज्वल हिमाचल। ज्वालामुखी

विश्वविख्यात शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में विश्व कल्याण व विश्व शान्ति के लिए आठ दिन से चल रहे आषाढ़ मास के गुप्त नवरात्रों का आज नवमी को विधिवत पुर्णाहुति के साथ समापन किया गया। विधायक संजय रत्न, एसडीएम ज्वालामुखी डॉ संजीव शर्मा, मंदिर अधिकारी मनोहर लाल शर्मा व मंदिर न्यास सदस्यों पुजारी दिव्यांशु भूषण दत्त, अश्वनी ने विशेष रूप से शिरकत की और वैदिक मंत्रो से हवन में आहुतिया डाली गई। इसके साथ ही माता ज्वाला के प्रकटोत्सव के बाद आज पूर्णाहुति के बाद पुजारी वर्ग द्वारा विशाल भन्डारे का भी आयोजन किया गया। इसके बाद विधायक संजय रत्न व एसडीएम, मंदिर अधिकारी व न्यास सदस्यों ने कन्या पूजन व प्रसाद बांट कर गुप्त नवरात्रि का समापन किया।

न्यास सदस्य पुजारी अविनेद्र शर्मा ने बताया कि इन गुप्त नवरात्रो में

गणपति, गायत्री, बटुक भैरव का 5 लाख व ज्वालामुखी मूल मंत्र का सवा 11 लाख की संख्या में जाप किया गया। इसके साथ दुर्गा सप्तशती के 100 पाठ भी किये गए और आज दशांश हवन यज्ञ करके पुर्णाहुति के साथ सभी जप पाठ का समापन किया गया। उन्होंने बताया कि मां के आशीर्वाद से विश्व में शांति व जनकल्याण की भावना हो इसी उद्देश्य की कामना के लिए यह अनुष्ठान किया गया। विधायक संजय रत्न ने गुप्त नवरात्रो के समापन के लिए सभी का धन्यबाद किया और माता से प्रार्थना की विश्व का कल्याण हो और सभी के मंगल कार्य हो और माता ज्वाला सभी की मनोकामना पूर्ण करें और सभी पर अपना आशीर्वाद बनाये रखे।

एसडीएम ज्वालामुखी डॉ संजीव शर्मा ने बताया की आज गुप्त नवरात्रि का भव्य समापन हुआ और हवन यज्ञ किया गया व माता रानी से आशीर्वाद माँगा गया की जो प्रदेश में आपदा हो रही है और लोग प्रभावित हो रहे हैँ उन्हें संबल प्रदान करें और आने वाले समय में देश प्रदेश में शांति बनी रहे और सभी का जीवन सुखमयी हो। आज माता ज्वाला मन्दिर शयन भवन में देवी भागवत कथा का भी पूर्णहुति के साथ समापन किया गया। मंदिर अधिकारी मनोहर लाल शर्मा ने बताया नवरात्रों में यात्रियों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा गया और माता का प्रकटोत्सव हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया। उन्होंने समस्त स्टाफ, न्यास सदस्यों व पुजारी वर्ग का भी सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया और बताया माता ज्वाला के प्रकटोत्सव के उपलक्ष्य पर विशाल भन्डारे का भी आयोजन किया जा रहा है।