पालमपुर सब्जी मंडी के बाहर नहीं लगेगा जाम, पार्किंग के लिए खोला जा रहा स्पेस : निशु मोंगरा

कांगड़ा की सब्जी मंडी कछियारी व धर्मशाला की पास्सू में होगी शिफ्ट

उज्ज्वल हिमाचल। कांगड़ा

कांगड़ा जिला के तहत पालमपुर की सब्जी मंडी में पार्किंग के स्पेस को खोला जा रहा है। इसमें बाधा बन रहे ढांचे को गिराया जा रहा है। इसके दो फायदे होंगे, एक तो किसानों को मंडी में जगह मिलेगी, वहीं मार्केट के बाहर सुबह आए दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम से भी छुटकारा मिलेगा। यह जानकारी एपीएमसी के जिला और हिमाचल कांग्रेस ओबीसी विभाग के चेयरमैन निशु मोंगरा ने पालमपुर में मंडी का दौरा करने के बाद जारी बयान में दी। मोंगरा ने बताया कि पालमपुर सब्जी मंडी में कुल 39 दुकानें हैं। सुबह -सवेरे मंडी में जगह ना होने के कारण किसानों को दिक्कत होती है। साथ ही मंडी के बाहर अकसर जाम लग जाता है। इसमें खासकर स्कूली छात्रों को कठिनाई होती है। इससे निजात पाने के लिए एपीएमसी बाधा बन रहे मंडी के एक ढांचे को गिरा रही है।

मोंगरा ने बताया कि इससे सैकड़ों किसानों को राहत मिलेगी। मोंगरा ने कहा कि आने वाले दिनों में पालमपुर मंडी में स्टोर रूम व रिपेयर आदि पर 22 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इस पर जल्द कार्य शुरू हो जाएगा। निरीक्षण के दौरान मोंगरा ने निर्देश दिए कि किसानों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएं। इस अवसर पर कारोबारियों के अलावा कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। दूसरी ओर मोंगरा ने स्पष्ट किया कि कछियारी और पास्सू में नई मंडियां नहीं बन रही हैं। उन्होने कहा कि कांगड़ा के गुप्तगंगा की मंडी को कछियारी शिफ्ट किया जा रहा है। इसी तरह चरान में बनी मंडी को पास्सू शिफ्ट किया जा रहा है।

मंडियां शिफ्ट करने से किसानों को फायदा होगा

कृषि उपज मंडी समिति, कांगड़ा के अर्न्तगत मुख्य मण्डी कांगड़ा स्थित गुप्तगंगा, तहसील व जिला कांगड़ा की स्थापना वर्ष, 1901 में हुई थी, व विनियमित उप मंडी धर्मशाला स्थित घरान खड्ड, तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा की रण्थापना वर्ष 2012 में हुई थी जिससे कांगड़ा की मंडी में स्थानीय किसानों व कृषि उत्पादों की आयक में कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ा था। मौजूदा मंडियों में जगह की कमी होने के कारण विभिन्न समस्याओं पार्किंग सुविधा/वाहनों का जाम इत्यादि कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है जिसके मध्यनजर इन मंडियों का उपयुक्त सुविधाजनक स्थान खोली व पाशु में केवल स्थानांतरित किया जा रहा है।

इन इलाकों में सबसे ज्यादा सब्जी

मोंगरा ने कहा कि इच्छी, सहौड़ा, जमानाबाद, नंदेहड़, कछियारी, खोली आदि इलाकों में सबसे ज्यादा सब्जी होती है। किसान लगातार नए और छोटे मार्केट यार्ड की मांग कर रहे हैं। कांगड़ा और चरान में किसानों का पहुंचना कठिन होता है। उन्हें बेहतर सुविधाएं देने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। अहम बाद यह है कि इन मंडियों के स्थानान्तरण हेतु चयनित भूमि के आसपास की स्थानीय पंचायतों के सैकडों किसानों के पास कृषि योग्य भूमि उपलब्ध है और ये किसान अपनी कृषि उपजों को इन मण्डियों में विक्रय कर उचित दाम प्राप्त कर लाभान्वित होगें।