उज्जवल हिमाचल । कांगड़ा
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरु नानक देव का प्रकाश उत्सव कांगड़ा के गुप्त गंगा मार्ग पर स्थित गुरुद्वारा में भक्तिभाव से मनाया जा रहा है। गुरुद्वारा सिंह सभा कांगड़ा के महासचिव दविंदर कालरा ने जानकारी देते हुए बताया कि 3 नवंबर सुबह 9:00 बजे से श्री अखंडपाठ शुरू हो चुका है और 5 नवंबर तक यह चलेगा।
5 नवंबर को ही अखंडपाठ भोग के साथ-साथ सुबह कीर्तन भी किया जाएगा। उसके पश्चात इस प्रकाश उत्सव के दिन गुरु के लंगर का आयोजन भी धूम धाम से किया जाएगा। सुबह 10 बजे से 1 बजे तक कीर्तन होगा, इसके बाद 1 बजे से गुरु का अटूट लंगर गुरुद्वारा सिंह सभा काँगड़ा में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने जनता से इस आयोजन में बढ़चढकर आने का आग्रह किया है। गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 ई. में ननकाना साहिब में हुआ था। उनके पिता का नाम मेहता कालू चंद एवं माता का नाम माता तृप्ता था। उन्होंने ईश्वर और सामाजिक न्याय का संदेश दिया। साथ ही सिख धर्म की स्थापना भी की थी। उन्होंने धर्म का संदेश फैलाने के लिए कईं यात्राएं कीं।
सिख समुदाय के 10 गुरुओं में गुरु नानक देव सिख धर्म के प्रथम गुरु थे। उनकी विशेष बात यह थी कि उन्होंने सभी को समानता और प्रेम का संदेश दिया था। गुरु नानक देव का प्रकाश उत्सव हर साल इसी तरह देशभर में भक्तिभाव व धूमधाम से मनाया जाता है।
संवाददाता: अंकित वालिया





