डेढ़ महीने से वेतन का इंतजार, हड़ताल को मजबूर ऊना नगर निगम के सफाई कर्मचारी

उज्जवल हिमाचल । कांगड़ा

अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा (पंजीकृत), नई दिल्ली के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुदेश सहोंतरा ने ऊना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सफाई कर्मचारियों को पिछले डेढ़ महीने से वेतन न मिलने के मामले को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों का वेतन उनका अधिकार है, कोई मांग नहीं।

सुदेश सहोंतरा ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से अपील करते हुए कहा कि सरकार सफाई कर्मचारियों की समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान दे। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों के परिवार भी हैं और लंबे समय तक वेतन न मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई कर्मचारियों के शोषण का एक प्रमुख कारण ठेका प्रथा है। उनका कहना है कि अन्य कई राज्यों की तरह हिमाचल प्रदेश में अभी तक राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का गठन नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों के अधिकारों की प्रभावी ढंग से रक्षा हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग होने के बावजूद इस मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।

सहोंतरा ने स्पष्ट किया कि वह जल्द ही ऊना पहुंचकर सफाई कर्मचारियों के समर्थन में आंदोलन में शामिल होंगे। साथ ही इस पूरे मामले की शिकायत प्रदेश स्तर के संबंधित अधिकारियों और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के समक्ष भी दर्ज कराएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग का कार्यालय ऊना में होने के बावजूद इस मुद्दे पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने नगर निगम ऊना प्रशासन से भी सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की।

सरकार के समक्ष रखी गई प्रमुख मांगें

  • सफाई कर्मचारियों का डेढ़ महीने से लंबित वेतन तत्काल जारी किया जाए।
  • भविष्य में वेतन समय पर मिले, इसके लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।
  • हिमाचल प्रदेश में सफाई कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए राज्य सफाई कर्मचारी आयोग की स्थापना की जाए।

सुदेश सहोंतरा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह ने वाल्मीकि समाज के उत्थान के लिए वाल्मीकि कल्याण बोर्ड की स्थापना की थी, लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल के चार वर्ष बीत जाने के बावजूद अभी तक बोर्ड का गठन नहीं हो पाया है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में भी शीघ्र कदम उठाने की मांग की।

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