वेलफेयर संघ द्वारा आपदा राहत कोष में पेंशन अंशदान करने का निर्णय स्वेच्छा से नहीं लिया: भंडारी

उज्ज्वल हिमाचल। कांगड़ा

हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संदर्भ में हाल ही में जारी एक पत्र पर कड़ा खंडन और पलटवार किया जाता है, जो मुख्य संघ से अलग हुए असंतुष्ट मुट्ठीभर लोगों द्वारा गठित समानांतर इकाई ने लिखा है। यह समूह अपने आप को मौलिक संघ होने का आधारहीन दावा करता है, जो पूरी तरह तथ्यहीन और गलत है। प्रैस के नाम जारी विज्ञप्ति में हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कल्याण भंडारी ने कहा कि आत्मा राम शर्मा को संघ के संविधान के प्रावधानों और निर्धारित चुनावी प्रक्रिया के तहत भारी जनादेश से निर्वाचित घोषित किया गया है। यह संविधान हिमाचल प्रदेश कोऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट के तहत संघ के पंजीकरण से पहले आधिकारिक तौर पर अनुमोदित और स्वीकृत किया गया था, जो इसकी वैधता और पारदर्शिता को दर्शाता है।

भंडारी ने आगे कहा कि आपदा राहत कोष में एक दिन की पेंशन अंशदान के रूप में देने का निर्णय आत्मा राम शर्मा द्वारा स्वेच्छा से नहीं लिया गया, बल्कि जिला प्रधानों, महासचिवों और अन्य राज्य पदाधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श और सहमति के बाद लिया गया, जो संघ के लोकतांत्रिक और सामाजिक दायित्व के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। हिमाचल प्रदेश में जब भी प्राकृतिक आपदाओं ने विनाश मचाया, पेंशन भोगियों, सेवारत कर्मचारियों और विभिन्न तबकों के लोगों ने अपने सामाजिक दायित्व और इंसानियत के फर्ज को निभाते हुए स्वेच्छा से हर संभव राहत और सहायता प्रदान की है। यह हमारी सांझा मानवता और एकजुटता का प्रतीक है।

ऐसे में, एक समानांतर गुट द्वारा राज्य के मुख्य सचिव को विरोध-पत्र लिखना न केवल उनकी संवेदनहीनता को उजागर करता है, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं में राहत के प्रयासों को कमजोर करने का दुस्साहस भी है, जिसकी हम घोर भर्त्सना करते हैं। साथ में समानांतर गुट द्वारा किए जा रहे तरह -तरह के भ्रामक, अमर्यादित और अपमानजनक बयानों का पुरजोर विरोध करते हुए समय आने पर माकूल मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा और सत्य को सामने लाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे। कल्याण भंडारी ने जिम्मेदारी से जोर देते हुए कहा कि संघ से छिटके चंद लोगों के धडे ने समानांतर गुट निर्माण की नींव बहुत समय पहले ही रख दी थी जिसका जिक्र भविष्य में किया जायेगा।