वर्कशॉप संचालक के बेटे ने रचा इतिहास, पांचवें प्रयास में UPSC क्रैक कर हासिल की 804वीं रैंक

उज्जवल हिमाचल । बिलासपुर

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला के उपमंडल घुमारवीं के गांव घुमाणी में वर्कशॉप चलाने वाले संतोष चंदेल के बेटे जितेंद्र चंदेल ने कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प से यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में देशभर में 804वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया। पिता की छोटी सी वर्कशॉप से निकलकर बेटे ने वह ऊंचाई छुई, जहां लाखों की मेहनत रंग लाती है यह संघर्ष की वह मिसाल है जो हर दिल को छू जाती है।जितेंद्र की यह सफलता प्रशंसनीय है, जो पांचवें प्रयास में हासिल हुई।

इससे पहले उन्होंने इंडियन फॉरेस्ट सर्विसेज-2024 उत्तीर्ण की और HAS परीक्षा पास कर मंडी में अंडर ट्रेनिंग का कार्य संभाल रखा था। स्वामी विवेकानंद मेमोरियल स्कूल कंदरौर से 10वीं, मिनर्वा स्कूल घुमारवीं से 11वीं-12वीं, बिलासपुर कॉलेज से बीएससी जूलॉजी, पंजाब यूनिवर्सिटी से एमएससी और यूजीसी नेट जेआरएफ के साथ बायोकेमिस्ट्री में पीएचडी प्रवेश इन तमाम उपलब्धियों के बावजूद उन्होंने 2021 से सिविल सेवा की तैयारी नहीं छोड़ी।

माता कमलेश चंदेल गृहिणी हैं, जबकि पिता संतोष चंदेल की वर्कशॉप वह रही जहां जितेंद्र ने सपनों को तपाया। जितेंद्र चंदेल ने सफलता का श्रेय माता-पिता, पत्नी स्वाति और भाइयों को दिया। क्षेत्र के युवाओं के लिए यह प्रेरणा है कि छोटे से गांव व सीमित संसाधनों से भी राष्ट्रसेवा का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।

संवाददाता: सुरेन्द्र जम्वाल